15 नवंबर तक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, कोटे की दुकानों और पंचायत भवनों पर चलेगा अभियान; 19 नवंबर से सात ब्लॉकों में शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
कानपुर देहात, 5 नवंबर 2026। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कानपुर देहात में फाइलेरिया रोधी दवा सेवन को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। दीपावली पर घर लौटे प्रवासियों के साथ ही उन लोगों को भी दवा खिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिन्होंने अब तक कभी फाइलेरिया की दवा नहीं खाई है या पहले दवा लेने से इनकार कर दिया था। अभियान के पहले दिन विभिन्न केंद्रों पर लोगों ने दवा का सेवन किया।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह विशेष अभियान 15 नवंबर तक चलाया जाएगा। इसके बाद 19 नवंबर से जिले के सात ब्लॉकों में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू होगा। इसके तहत करीब 15.24 लाख लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन तरह के केंद्रों पर मिल रही दवा
विशेष अभियान के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, कोटे की दुकानों और पंचायत भवनों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से प्रवासियों, नेवर टेकन यानी कभी दवा नहीं लेने वाले और रेफ्यूजल यानी दवा सेवन से पहले इनकार करने वाले लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि एमडीए अभियान शुरू होने से पहले अधिक से अधिक पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जा सके। 15 नवंबर के बाद भी जो पात्र लोग छूट जाएंगे, उन्हें 19 नवंबर से शुरू होने वाले एमडीए अभियान के दौरान दवा खिलाई जाएगी।
सात ब्लॉकों में चलेगा एमडीए अभियान
सीएमओ डॉ. जयगोविन्द ने बताया कि अकबरपुर, मलासा, अमरौधा, राजपुर, डेरापुर, झींझक और रसूलाबाद ब्लॉक में 19 नवंबर से सर्वजन दवा सेवन अभियान संचालित किया जाएगा। इस बार दीपावली के दौरान घर लौटे प्रवासियों को भी दवा सेवन से जोड़ने के लिए विशेष पहल की गई है।

उन्होंने बताया कि अभियान में आइवरमेक्टिन, डाईइथाइल कार्बामजीन (डीईसी) और एल्बेंडाजोल दवाएं दी जा रही हैं। आइवरमेक्टिन की खुराक लंबाई और डीईसी की खुराक आयु के अनुसार निर्धारित की जाती है। पात्र लोगों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार तीनों दवाओं का सेवन कराया जाना है।
सीएमओ ने यह भी बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं खाली पेट नहीं खानी चाहिए।
फाइलेरिया प्रभावित लोग भी कर रहे जागरूक
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के माध्यम से रोगी हितधारक मंच (पीएसपी) भी लोगों को जागरूक कर रहा है। इस मंच में फाइलेरिया प्रभावित लोगों के साथ ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य शामिल हैं।
फाइलेरिया से प्रभावित लोग अपने अनुभव साझा कर ग्रामीणों को बीमारी की गंभीरता और इससे बचाव के लिए दवा सेवन के महत्व के बारे में बता रहे हैं। वहीं, मंच के अन्य सदस्य भी समुदाय के लोगों को जागरूक कर दवा लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सहयोगी संस्थाएं भी अभियान में शामिल
फाइलेरिया उन्मूलन के इस अभियान में डब्ल्यूएचओ, सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार), पाथ और पीसीआई जैसी सहयोगी संस्थाएं भी स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि पात्र लोग अभियान के दौरान निर्धारित फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सके।
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