बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 13 फरवरी 2026
गोरखपुर के गोला उपनगर में खेल सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के खिलाफ शुक्रवार को युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उपनगर स्थित ऐतिहासिक डाक बंगला परिसर के पास इंडोर स्टेडियम निर्माण की मांग को लेकर दर्जनों युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। युवाओं का स्पष्ट कहना है कि गोला क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन एक अदद इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स न होने के कारण खिलाड़ियों को अपनी तैयारी और प्रतियोगिताओं के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।

2012 से चल रहा है संघर्ष: बैडमिंटन खिलाड़ियों की पीड़ा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सभासद प्रतिनिधि व भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन ने बताया कि गोला उपनगर में वर्ष 2012 से ही जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया जाता रहा है। यह विडंबना ही है कि एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए कोई स्थायी इनडोर कोर्ट उपलब्ध नहीं है। हर साल आयोजकों को किसी निजी मैरिज लॉन या अस्थायी पंडालों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे न केवल खिलाड़ियों को असुविधा होती है बल्कि खेल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव पर ‘अमल’ का इंतजार
प्रदर्शनकारियों ने नगर पंचायत प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। शत्रुघ्न कसौधन के अनुसार, हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में डाक बंगला परिसर के समीप उपलब्ध पर्याप्त सरकारी जमीन पर इंडोर स्टेडियम निर्माण का औपचारिक प्रस्ताव रखा गया था। सदन ने भी इस पर सहमति जताई थी, लेकिन विडंबना यह है कि अब तक अधिशासी अधिकारी (EO) द्वारा इसका विस्तृत स्टीमेट (Estimate) तैयार कर शासन को नहीं भेजा गया है।
युवाओं ने बताया कि यद्यपि प्रशासन ने मौखिक रूप से डाक बंगला परिसर में खेलने की अनुमति दे दी है, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। बिना इंडोर सुविधाओं के बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कुश्ती जैसे खेलों का पेशेवर अभ्यास संभव नहीं है।
स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच
प्रदर्शन में शामिल युवाओं का तर्क है कि गोला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का मादा है। इंडोर स्टेडियम बनने से न केवल बैडमिंटन बल्कि वॉलीबॉल, जिमनास्टिक और शतरंज जैसे खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर पंचायत प्रशासन ने शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे भूख हड़ताल और तालाबंदी जैसे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
प्रदर्शन में युवाओं की भारी मौजूदगी
डाक बंगला के पास हुए इस प्रदर्शन में खेल प्रेमियों की बड़ी भीड़ जुटी। उपस्थित युवाओं में मुख्य रूप से नौशाद आलम, अनिल कुमार, संजय गुप्ता, मो. आरिफ, निखिल सोनकर, अभिषेक कुमार, कमल खान, पंकज गुप्ता, राम निवास मौर्य, विक्रांत साहनी, विकास जायसवाल, अहमद खान, जिशान अहमद, ऋषि वर्मा, तुषार वर्मा, राहुल कुमार, किशन सोनकर और हर्ष वर्मा शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि नगर पंचायत प्रशासन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ठंडे बस्ते में डालने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि युवाओं के बढ़ते दबाव और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही जमीन के सीमांकन और बजट आवंटन की फाइल आगे बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
गोला में इंडोर स्टेडियम की मांग केवल एक खेल मैदान की मांग नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के भविष्य के निर्माण की लड़ाई है। जब तक युवाओं को आधुनिक संसाधन नहीं मिलेंगे, तब तक ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियान ग्रामीण अंचलों में पूरी तरह सफल नहीं हो सकते। अब देखना यह है कि प्रशासन युवाओं के इस जोश का सम्मान करते हुए कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कराता है।
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