उत्तर प्रदेश दिवस 2026भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और विकास की गाथा अब केवल प्रदेश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। 24 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस इस बार एक राष्ट्रीय उत्सव का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस को देश के प्रत्येक राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसी क्रम में, बिहार की राजधानी पटना में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद और ख्यातिलब्ध अभिनेता रवि किशन शुक्ला उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में शिरकत करेंगे।

उत्तर प्रदेश दिवस का यह आयोजन न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह बदलते उत्तर प्रदेश की उस तस्वीर को पेश करने का माध्यम है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में सुशासन और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पटना के लोक भवन में होने वाला यह कार्यक्रम बिहार और उत्तर प्रदेश के सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश दिवस का गौरवशाली इतिहास और 2026 का महत्व
उत्तर प्रदेश दिवस मनाने की परंपरा बहुत पुरानी नहीं है, लेकिन इसका महत्व बहुत गहरा है। 24 जनवरी 1950 को ही ‘यूनाइटेड प्रोविंस’ का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ रखा गया था। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2018 में पहली बार आधिकारिक तौर पर मनाने की शुरुआत की थी। तब से लेकर आज तक, यह दिन प्रदेश की पहचान, गौरव और उपलब्धियों को मनाने का सबसे बड़ा मंच बन गया है।
साल 2026 का उत्तर प्रदेश दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। पटना में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से योगी सरकार अपने ‘UP Model’ को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा करना चाहती है। उत्तर प्रदेश दिवस के माध्यम से निवेश, रोजगार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की कहानी को जन-जन तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
रवि किशन: उत्तर प्रदेश दिवस के बिहार आयोजन में विशेष दूत

पटना में होने वाले कार्यक्रम के लिए रवि किशन का चयन काफी रणनीतिक और भावनात्मक है। रवि किशन न केवल गोरखपुर के सांसद हैं, बल्कि उनकी लोकप्रियता बिहार में भी उतनी ही है जितनी उत्तर प्रदेश में। एक अभिनेता के तौर पर उन्होंने भोजपुरी सिनेमा के माध्यम से दोनों राज्यों की जनता के दिलों में अपनी जगह बनाई है।
उत्तर प्रदेश दिवस के प्रतिनिधि के रूप में नामित होने पर रवि किशन ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उनका कहना है कि Uttar Pradesh Diwas के अवसर पर बिहार की धरती से यूपी की विकास यात्रा को साझा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। यह आयोजन एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के साझा संकल्प को प्रदर्शित करता है।
पटना कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं और सांस्कृतिक आकर्षण
24 जनवरी 2026 को पटना में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) कार्यक्रम विविधताओं से भरा होगा। सरकार ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए कई विशेष योजनाओं की प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है:
- ODOP प्रदर्शनी: ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (One District One Product) योजना की प्रदर्शनी उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) का मुख्य आकर्षण होगी। इसमें यूपी के विभिन्न जिलों के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक कलाओं, जैसे कि बिरहा, नौटंकी और कथक का प्रदर्शन पटना के मंच पर होगा। यह उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) को एक उत्सव का रंग देगा।
- उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभूतियों को उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
- विश्वकर्मा श्रम सम्मान: परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना के लाभार्थियों को किट वितरण और सम्मान प्रदान किया जाएगा।
विकास का ‘UP मॉडल’ और उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas)
आज जब हम उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) मना रहे हैं, तो हमें उन बदलावों पर भी नजर डालनी चाहिए जिन्होंने उत्तर प्रदेश की वैश्विक छवि बदली है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में उभरा है। डिजिटल गवर्नेंस और मेडिकल एजुकेशन में राज्य ने लंबी छलांग लगाई है। उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के मंच से रवि किशन इन उपलब्धियों का ब्योरा पेश करेंगे।
बिहार के निवेशकों और युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) एक ऐसा अवसर होगा जहाँ वे उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप्स और औद्योगिक निवेश की संभावनाओं को समझ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के माध्यम से यह बताना है कि कैसे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ ने उत्तर प्रदेश को निवेश का सबसे पसंदीदा केंद्र बना दिया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सांस्कृतिक सेतु
उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को भी उजागर किया जाएगा। गंगा की लहरों से जुड़े ये दोनों प्रदेश एक समान विरासत साझा करते हैं। रवि किशन ने सही कहा है कि यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं है, बल्कि यह दो राज्यों के बीच के पारिवारिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का जरिया है।
पटना में उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के आयोजन से बिहार के लोगों को उत्तर प्रदेश की धार्मिक पर्यटन योजनाओं, जैसे कि अयोध्या का भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मथुरा-वृंदावन के विकास कार्यों की जानकारी भी मिलेगी। यह उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) पर्यटन के क्षेत्र में भी आपसी सहयोग को बढ़ावा देगा।
उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) 2026 का राष्ट्रव्यापी आयोजन
योगी सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) अब लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रत्येक राज्य के राजभवन और लोक भवन में इसकी गूँज सुनाई देगी। उप-मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद विभिन्न राज्यों में जाकर उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) का नेतृत्व करेंगे। यह पहली बार है जब कोई राज्य अपने स्थापना दिवस को इतने व्यापक और अखिल भारतीय स्तर पर मना रहा है।
यह पहल ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करती है। उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) के माध्यम से उत्तर प्रदेश अपनी सफलता की कहानियों को केरल से लेकर कश्मीर तक और गुजरात से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक सुनाने जा रहा है। पटना में रवि किशन की उपस्थिति इसी राष्ट्रव्यापी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) – एक नई सुबह का प्रतीक
24 जनवरी 2026 को जब पटना में उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) का दीप प्रज्ज्वलित होगा, तो वह केवल एक कार्यक्रम की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि वह एक विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प की गूँज होगी। रवि किशन के नेतृत्व में होने वाला यह आयोजन बिहार की जनता को उत्तर प्रदेश के नए वैभव से परिचित कराएगा।
उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) हमें याद दिलाता है कि इच्छाशक्ति और सही नेतृत्व के साथ किसी भी राज्य की नियति बदली जा सकती है। आज का उत्तर प्रदेश अपनी चुनौतियों को अवसरों में बदलना जानता है। पटना में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) की सफलता निश्चित रूप से दोनों राज्यों के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अंत में, उत्तर प्रदेश दिवस (Uttar Pradesh Diwas) केवल एक प्रदेश का स्थापना दिवस नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र और संघीय ढांचे की मजबूती का उत्सव है, जहाँ एक राज्य की प्रगति पूरे राष्ट्र के गौरव का विषय बनती है।
Read more news: शहीद कलेक्टर प्रसाद शर्मा की पुण्यतिथि: अनाथ बच्चों की सेवा कर परिजनों ने पेश की मिसाल














1 thought on “उत्तर प्रदेश दिवस 2026: बिहार की धरती पर दिखेगी यूपी की भव्यता, रवि किशन संभालेंगे कमान”