नई दिल्ली: 11 फरवरी 2026
भारत की राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक तकनीक का केंद्र बनने जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए आयोजित होने वाले ‘AI इम्पैक्ट समिट’ (AI Impact Summit) में अमेरिकी सीईओ का एक शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहा है, जो भारत के तेजी से बढ़ते टेक इकोसिस्टम में निवेश और नवाचार की नई संभावनाओं को तलाशेगा।

तकनीकी कूटनीति का बड़ा मंच
यह समिट केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच ‘ICET’ (इनिशिएटिव ऑन क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी) के विजन को धरातल पर उतारने की एक कोशिश है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस महाकुंभ में सिलिकॉन वैली के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी, डेटा वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के साथ मिलकर सुरक्षित, नैतिक और समावेशी AI समाधानों पर चर्चा करना है।
भारतीय स्टार्टअप्स और निवेश पर ध्यान
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नई दिल्ली आना भारतीय स्टार्टअप्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के दौरान स्वास्थ्य सेवा, कृषि, और विनिर्माण क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों के लिए कई बड़े समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
यूएस-इंडिया फोरम के प्रतिनिधियों का कहना है कि भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा टैलेंट पूल है, जबकि अमेरिका के पास अत्याधुनिक अनुसंधान और पूंजी। इन दोनों का मिलन वैश्विक AI परिदृश्य को पूरी तरह बदल सकता है।
समिट के मुख्य एजेंडे
- नैतिक AI (Ethical AI): AI के विकास में पारदर्शिता और गोपनीयता सुनिश्चित करना।
- स्किलिंग (Skilling): भारत के लाखों युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई चुनौतियों के लिए तैयार करना।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के सफल डिजिटल मॉडल में AI को जोड़ना ताकि सरकारी सेवाएं अधिक प्रभावी हो सकें।
- सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर: AI चिप्स और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना।
चीन को चुनौती और वैश्विक संतुलन
वैश्विक भू-राजनीति के लिहाज से भी यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। तकनीक के क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत और अमेरिका का एक साथ आना एक रणनीतिक आवश्यकता बन गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दोनों देशों की यह साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित तकनीक को बढ़ावा देने का काम करेगी।
क्यों खास है यह समिट?
समिट में भारत के प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की भी संभावना है, जो अमेरिकी निवेशकों को भारत की ‘AI फॉर ऑल’ (AI for All) नीति से अवगत कराएंगे। भारतीय टेक दिग्गज जैसे टीसीएस, इंफोसिस और रिलायंस के प्रमुख भी इस डेलिगेशन के साथ आमने-सामने की बैठकों में हिस्सा लेंगे।

निष्कर्ष
नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह ‘AI इम्पैक्ट समिट’ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की इस वैश्विक दौड़ में भारत अब केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि एक निर्माता और विचारक के रूप में उभर रहा है। अमेरिकी सीईओ का यह प्रतिनिधिमंडल भारत के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में लाखों नए रोजगार और तकनीकी क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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