12 अप्रैल 2026

विश्व राजनीति के लिए आज का दिन अत्यंत तनावपूर्ण रहा। पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई ऐतिहासिक शांति वार्ता किसी समझौते पर पहुँचे बिना ही समाप्त हो गई। वार्ता के विफल होने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए घोषणा की कि अमेरिकी सेना “लॉक्ड एंड लोडेड” (Locked and Loaded) है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाएं नहीं छोड़ीं, तो अमेरिका ईरान के बचे-कुचे सैन्य ढांचे को भी पूरी तरह नष्ट कर देगा।
इस्लामाबाद वार्ता: 20 घंटे का मंथन और परमाणु गतिरोध
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच यह सबसे उच्च स्तरीय बैठक थी। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मेजबानी में करीब 20 घंटे तक चली इस बातचीत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर ने किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि बैठक में अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन गई थी, लेकिन ‘परमाणु सवाल’ (The Nuclear Question) पर आकर बात बिगड़ गई। ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा, “ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है, और हम अस्थिर और अप्रत्याशित लोगों के हाथों में परमाणु शक्ति नहीं रहने दे सकते।”
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घेराबंदी: “वर्ल्ड एक्सटॉर्शन”
वार्ता टूटने के तत्काल बाद ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की पूर्ण घेराबंदी शुरू करने का निर्देश दिया है।
- नौसैनिक नाकाबंदी: अब कोई भी जहाज जो ईरान को ‘टोल’ (कर) देगा, उसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी नौसेना द्वारा रोका जाएगा।
- समुद्री सुरंगों का विनाश: ट्रंप ने निर्देश दिया है कि ईरान द्वारा समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (Mines) को अमेरिकी बल नष्ट करना शुरू करें।
- कड़ी चेतावनी: ट्रंप ने साफ कहा कि यदि किसी ईरानी ने अमेरिकी सेना या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोली चलाई, तो उसे “नर्क पहुँचा दिया जाएगा” (Blown to Hell)।
ईरान की स्थिति: “आपका एयरफोर्स और नेवी अब खत्म”
ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ईरान बेहतर जानता है कि इस स्थिति को कैसे खत्म किया जाए। उन्होंने दावा किया कि सैन्य अभियानों के कारण ईरान की नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम पहले ही बेकार हो चुके हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि “खोमैनी और ईरान के अधिकांश नेता अब नहीं रहे”, और यह सब उनकी परमाणु जिद के कारण हुआ है।
जेडी वेंस का बयान: “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव”
वार्ता स्थल छोड़ने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संवाददाताओं से कहा कि वाशिंगटन ने तेहरान के सामने अपना “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव” (Final and Best Offer) रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया। ईरानी पक्ष के मुख्य वार्ताकार और संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा कि उन्होंने रचनात्मक पहल की थी, लेकिन अमेरिकी पक्ष ईरानी प्रतिनिधिमंडल का विश्वास जीतने में असमर्थ रहा।
विश्व शक्तियों की चिंता और अपील
वार्ता के इस तरह अचानक टूटने से दुनिया भर में पूर्ण पैमाने पर युद्ध (Full-scale War) छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।
- पाकिस्तान और खाड़ी देश: मेजबान पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। सऊदी अरब और कतर भी कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
- वैश्विक तेल संकट: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति के लिए इसी जलमार्ग पर निर्भर है।
डोनाल्ड ट्रंप का “लॉक्ड एंड लोडेड” वाला बयान यह संकेत देता है कि कूटनीति के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के अधिकार पर अड़े रहने और अमेरिका द्वारा पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग ने मध्य पूर्व को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ से वापसी की राह केवल विनाश की ओर जाती दिख रही है। अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिकी नौसेना की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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