बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोरखपुर: 28 फरवरी 2026
गोरखपुर की पत्रकारिता के इतिहास में शनिवार का दिन अत्यंत पीड़ादायक और शोकाकुल रहा। बांसगांव क्षेत्र में नाली विवाद के चलते हुए कायराना हमले में अपनी जान गंवाने वाले गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य अग्निवेश सिंह की याद में आज प्रेस क्लब सभागार में एक भव्य और भावुक शोक सभा का आयोजन किया गया। अपने साथी को खोने का गम हर पत्रकार के चेहरे पर साफ झलक रहा था। श्रद्धांजलि सभा के दौरान न केवल दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई, बल्कि पत्रकार सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर एक स्वर में हुंकार भी भरी गई।

शोक सभा: जब सिसकियों से गूँज उठा सभागार
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस शोक सभा में जनपद के कोने-कोने से पत्रकार एकत्रित हुए। जैसे ही सभा का शुभारंभ हुआ, सभागार में सन्नाटा पसर गया। अध्यक्ष के आह्वान पर उपस्थित सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों ने अपनी जगह पर खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा। यह क्षण अत्यंत भावुक था, जहाँ कई वरिष्ठ पत्रकारों की आँखें अपने छोटे साथी को याद कर नम हो गईं।
वक्ताओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अग्निवेश सिंह मात्र एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि वे समाज की उन आवाजों के प्रतिनिधि थे जिन्हें अक्सर दबा दिया जाता है। नाली जैसे मामूली विवाद में एक प्रखर पत्रकार की जान चले जाना सभ्य समाज और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक गहरा घाव है।

प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने याद किया साथी का योगदान
प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने कहा, “अग्निवेश का असमय चले जाना हमारे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। उनका स्वभाव अत्यंत सरल, मिलनसार और सदैव दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहने वाला था।” सभा में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए:
- मंत्री पंकज श्रीवास्तव ने उनके साहसी रिपोर्टिंग के दिनों को याद किया।
- उपाध्यक्ष धनेश कुमार ने कहा कि पत्रकारिता के मूल्यों से उन्होंने कभी समझौता नहीं किया।
- कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
वरिष्ठ पत्रकारों का न्याय के लिए आह्वान
शोक सभा में केवल शोक नहीं व्यक्त किया गया, बल्कि न्याय की मांग को भी धार दी गई। मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय और पूर्व अध्यक्ष रितेश मिश्रा ने कड़े शब्दों में कहा कि यह श्रद्धांजलि तब तक अधूरी है जब तक अग्निवेश के हत्यारों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुँचाया जाता। वरिष्ठ पत्रकार टी.पी. शाही और रामचंद्र शाही ने प्रशासन से मांग की कि दिवंगत पत्रकार के परिजनों को उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए।
उपस्थित पत्रकारों की गौरवशाली उपस्थिति
इस शोक सभा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पत्रकारिता जगत के कई दिग्गज और युवा साथी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से: संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़ (गवार), पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज मिश्रा, रजनीश त्रिपाठी, अजित सिंह, वेद प्रकाश पाठक, बैजू गुप्ता, मुर्तुजा रहमानी, शीतल चौधरी, सुशील कुमार, सुनेन पाण्डेय, विनय कुमार सिंह, अजय पासवान, संजय दुबे, संजय पांडेय, आशीष कुमार मिश्रा, मो. हुसैन, प्रिंस तिवारी, अजय सोनकर, मुकेश पांडेय, अशोक पांडेय, अनुराग श्रीवास्तव, विनोद अलेक्जेंडर, विज्वाल कुमार और राकेश दुबे शामिल थे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि दिवंगत साथी का व्यक्तित्व और उनकी कार्यशैली सदैव आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सभा के अंत में पत्रकारों के बीच इस बात को लेकर भी आक्रोश दिखा कि यदि पूर्व में दी गई शिकायतों पर पुलिस ने कार्रवाई की होती, तो आज यह श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की नौबत ही नहीं आती। पत्रकारों ने संकल्प लिया कि वे इस लड़ाई को तब तक जारी रखेंगे जब तक दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुँचा दिया जाता।
निष्कर्ष
अग्निवेश सिंह की मृत्यु ने एक भरे-पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब द्वारा दी गई यह श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि पत्रकार समाज अपने साथियों के मान-सम्मान के लिए सदैव तत्पर है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। नम आँखों से दी गई यह विदाई अग्निवेश की यादों को अमर बना गई।













