बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 10 फरवरी 2026
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बीती 8 फरवरी की रात गोला के ग्राम रामपुर गडरी में चोरी की वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। शातिर चोरों ने बड़ी ही चालाकी से उन घरों को निशाना बनाया जिनके मालिक बाहर थे। एक के बाद एक चार बंद मकानों के ताले तोड़कर चोरों ने न केवल कीमती सामान और नकदी पर हाथ साफ किया, बल्कि पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों की भी पोल खोल दी।
शादी समारोह से लौटे तो उड़े होश
रामपुर गडरी निवासी संतोष दुबे रविवार की रात अपने परिवार के साथ गोरखपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 12 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का मुख्य दरवाजा खुला देख सन्न रह गए। अंदर जाने पर पता चला कि अलमारी का ताला टूटा हुआ है। चोरों ने बड़ी सफाई से 85 हजार रुपये नकद, चांदी के चार सिक्के और चांदी की पायल चोरी कर ली थी। संतोष दुबे ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों और पुलिस को दी।
सिलसिलेवार ढंग से चार घरों में सेंधमारी
संतोष दुबे के घर हुई चोरी की वारदात की खबर जैसे ही गांव में फैली, बाहर रह रहे अन्य ग्रामीणों में भी घबराहट पैदा हो गई। जो लोग काम के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहते हैं, उन्होंने आनन-फानन में अपने रिश्तेदारों को घर देखने भेजा। जांच शुरू हुई तो पता चला कि गांव में कुल चार घरों को निशाना बनाया गया है:
- दयानाथ दुबे: पेशे से शिक्षक दयानाथ अपने बीमार बेटे का हाल जानने गुजरात गए हुए हैं। उनके घर का ताला टूटा मिला।
- कैलाश दुबे: वे मुंबई में रहते हैं और उनका मकान बंद था, जहाँ चोरों ने धावा बोला।
- सोनू दुबे: बनारस में रहने वाले सोनू दुबे के घर की ग्रिल उखाड़कर चोर अंदर घुसे और ताले तोड़ दिए। सोमवार शाम जब उनके रिश्तेदार पहुंचे, तब इस वारदात का खुलासा हुआ।

सीसीटीवी में कैद हुए संदिग्ध चेहरे
ग्रामीणों ने जब गांव में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें तीन संदिग्ध व्यक्ति नजर आए हैं। फुटेज में देखा जा सकता है कि संदिग्ध युवक सुनियोजित तरीके से बंद घरों की रेकी कर रहे थे। ग्रामीणों को आशंका है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम है, जो पहले बंद मकानों को चिन्हित करता है और फिर आधी रात को चोरी की वारदात को अंजाम देता है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठते सवाल
रामपुर गडरी में हुई इस सामूहिक चोरी ने पुलिस की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पूर्व में हुई चोरियों का भी अब तक कोई खुलासा नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की रात्रि गश्त प्रभावी होती, तो एक ही रात में चार घरों को निशाना बनाना संभव नहीं था। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात में जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
थानाध्यक्ष का बयान: जांच जारी
इस चोरी की वारदात के संबंध में गोला थाना प्रभारी राकेश रौशन सिंह ने बताया कि संतोष दुबे की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास है और संदिग्धों की पहचान के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है। अन्य तीन पीड़ितों के लौटने या उनके परिजनों की तहरीर मिलने पर उन मामलों को भी मुकदमे में शामिल किया जाएगा।”
ग्रामीणों में आक्रोश
सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण गोला थाने पहुंचे और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर सामान की बरामदगी की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण आंदोलन को बाध्य होंगे।
निष्कर्ष
रामपुर गडरी में हुई यह चोरी की वारदात एक चेतावनी है कि अपराधियों को अब कानून का डर नहीं रहा। बंद घरों को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि अपराधी स्थानीय गतिविधियों की पूरी जानकारी रख रहे हैं। अब देखना यह है कि गोला पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कितनी जल्दी इन ‘नकाबपोश’ चोरों को सलाखों के पीछे पहुँचाती है।
read more news: महिला अपराधों पर प्रहार: पिपराइच पुलिस ने ‘दहेज हत्या’ के दो आरोपियों को धर दबोचा, सलाखों के पीछे पहुँचे सास-ससुर












