बृजनाथ तिवारी
गोलाबाजार, गोरखपुर: 25 मार्च 2026

नदी की लहरों के साथ खेलना एक किशोर के लिए काल बन गया। गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत देवई पीपर गांव में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ सरयू नदी में नहाने गया 14 वर्षीय नाबालिग अमन गहरे पानी में समा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके साथ गए दोस्तों ने डर के मारे घंटों इस सच्चाई को छिपाए रखा। जब देर रात परिजनों की सख्ती बढ़ी, तब जाकर इस अनहोनी का खुलासा हुआ। फिलहाल, मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम स्टीमर और गोताखोरों के साथ लापता किशोर की तलाश में जुटी है।
लापता होने के बाद शुरू हुई खोजबीन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवई पीपर निवासी शिवसागर का पुत्र अमन (14) मंगलवार दोपहर बाद घर से निकला था। शाम ढलने तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसके बाबा रामपदुम और अन्य परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के यहाँ खोजबीन की गई, लेकिन कहीं सुराग नहीं मिला। रात करीब आठ बजे गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने शाम चार बजे अमन को उसके कुछ दोस्तों के साथ नदी की ओर जाते देखा था।

दोस्तों की चुप्पी और खौफनाक सच
परिजनों ने जब अमन के साथियों को बुलाकर पूछताछ की, तो पहले वे डर के मारे कुछ भी बताने से इनकार करते रहे। लेकिन जब परिजनों ने कड़ाई से सवाल पूछे, तो बच्चों ने रोते हुए सच उगल दिया। उन्होंने बताया कि वे सभी सरयू नदी के किनारे नहाने गए थे, जहाँ अमन संतुलन बिगड़ने के कारण गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। डूबते दोस्त को देख बाकी बच्चे बुरी तरह डर गए और किसी को भी जानकारी दिए बिना चुपचाप अपने घरों को भाग आए।
नदी तट पर मिले कपड़े, पुलिस की दस्तक
सच्चाई सामने आते ही परिजन भागते हुए नदी तट पर पहुँचे, जहाँ अमन के उतारे हुए कपड़े पड़े मिले। इसके बाद गांव में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गोला, राकेश रोशन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। रात के अंधेरे और नदी की तेज धारा के कारण स्थानीय गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन: बुधवार तड़के शुरू हुई तलाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) को सूचित किया। बुधवार की तड़के सुबह एसडीआरएफ के अनुभवी गोताखोर और बचाव दल स्टीमर के साथ देवई पीपर घाट पर पहुँच गए। समाचार लिखे जाने तक टीम नदी की लहरों को चीरते हुए अमन की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अमन एक निजी विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। उसके पिता रोजी-रोटी के लिए विदेश में रहते हैं। घर पर मां और बड़े भाई अंश का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता के आने से पहले घर के छोटे लाडले के साथ हुए इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीण अमन की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही हैं।
प्रशासन की चेतावनी: नदी किनारे न जाएं बच्चे
थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बच्चों को अकेले नदी किनारे न जाने दें। सरयू नदी का जलस्तर और बहाव कई जगहों पर अनिश्चित है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जाँच कर रही है।
देवई पीपर की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बच्चों की छोटी सी लापरवाही और डर किस तरह बड़े हादसों को जन्म देता है। यदि अमन के दोस्तों ने समय रहते शोर मचाया होता या ग्रामीणों को जानकारी दी होती, तो शायद उसे बचाने की कोई उम्मीद होती। फिलहाल, पूरा क्षेत्र अमन की बरामदगी के इंतजार में सरयू के तट पर नजरे टिकाए बैठा है।
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