गोरखपुर: 26 फरवरी 2026
गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया उर्फ विजहरा गांव में बुधवार की आधी रात एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना घटी, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया। एक सौतेली मां ने अपनी ही तीन साल की मासूम बच्ची की कुल्हाड़ी से प्रहार कर गर्दन काट दी। आरोपी महिला ने न केवल मासूम की हत्या की, बल्कि बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया। मौके पर मिले सिंदूर और पूजा-पाठ के निशानों ने इस पूरे मामले में तंत्र-मंत्र और बलि की आशंका को जन्म दे दिया है। इस वीभत्स घटना के बाद पूरे कुसम्ही बाजार और आसपास के गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

वारदात का मंजर: जब घर के अंदर मचा कोहराम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार रात करीब 12 बजे की है। मृतका के पिता घर के बाहर किसी से फोन पर बात कर रहे थे, तभी घर के अंदर से चीखने की आवाजें आईं। जब परिजन और ग्रामीण अंदर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सबकी रूह कांप गई। तीन साल की मासूम बच्ची लहुलुहान हालत में पड़ी थी और उसकी गर्दन धड़ से अलग हो चुकी थी।
तंत्र-मंत्र और सिंदूर का रहस्य
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर मासूम की हत्या की गई, वहां फर्श पर सिंदूर फैला हुआ था और बच्ची के शरीर पर भी सिंदूर से टीका किया गया था। यह स्थिति प्रथम दृष्टया किसी तांत्रिक क्रिया या बलि की ओर इशारा करती है। ग्रामीणों में चर्चा है कि महिला किसी मानसिक विकार या अंधविश्वास के प्रभाव में थी, जिसके चलते उसने अपनी ही सौतेली बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

महज एक महीने पहले हुई थी शादी
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी महिला और बच्ची के पिता की शादी अभी हाल ही में 25 जनवरी 2026 को हुई थी। आरोपी महिला की यह दूसरी शादी थी, वहीं पुरुष की पहली पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। पहली पत्नी से ही यह तीन साल की मासूम बच्ची थी। शादी के मात्र एक महीने के भीतर ही इस तरह की जघन्य वारदात को अंजाम देना पुलिस के लिए भी एक बड़ी गुत्थी बना हुआ है।
भागने की कोशिश, ग्रामीणों ने दबोचा
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला घर के पीछे के रास्ते से भागने की फिराक में थी। लेकिन चीख-पुकार सुनकर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाई और उसे चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों ने महिला को दौड़ाकर पकड़ लिया और मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया। यदि ग्रामीण सक्रियता न दिखाते, तो आरोपी महिला अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) और पिपराइच थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने तत्काल शव को कब्जे में लिया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया।
- बरामदगी: हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को पुलिस ने बरामद कर लिया है।
- पोस्टमार्टम: शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।
- पूछताछ: पुलिस आरोपी महिला से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि हत्या के पीछे केवल सौतेला व्यवहार था या वास्तव में कोई तांत्रिक संलिप्तता थी।
दहशत में इमलिया उर्फ विजहरा गांव
इस घटना के बाद से गांव के लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके शांत गांव में ऐसी आसुरी प्रवृत्ति देखने को मिलेगी। मासूम की हत्या की खबर जैसे-जैसे फैली, कुसम्ही बाजार के लोग भी सन्न रह गए। पुलिस ने गांव में एहतियातन गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार का आक्रोश न भड़के।
अंधविश्वास: समाज के लिए एक चुनौती
यदि इस मामले में तंत्र-मंत्र की पुष्टि होती है, तो यह आधुनिक युग में भी शिक्षा और जागरूकता की कमी को दर्शाता है। एक मासूम जान की आहुति केवल अंधविश्वास के कारण देना समाज के माथे पर कलंक है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस कोण से भी जांच कर रहे हैं कि क्या महिला को किसी बाहरी तांत्रिक ने उकसाया था।
निष्कर्ष
तीन साल की उस अबोध बच्ची को क्या पता था कि जिस मां को वह अपना रक्षक मान रही थी, वही उसकी भक्षक बन जाएगी। पिपराइच पुलिस के लिए यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि इसके पीछे छिपे मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों का खुलासा करना भी जरूरी है। मासूम की हत्या के इस प्रकरण में आरोपी महिला को कड़ी से कड़ी सजा मिलना ही उस मासूम के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।












