गोरखपुर: 07 फरवरी 2026
गोरखपुर के नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने कार्यभार ग्रहण करते ही अपनी कार्यशैली और प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत दे दिया है। शनिवार को व्हाइट हाउस सभागार में आयोजित उनकी पहली औपचारिक मैराथन बैठक ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। अनुशासन, मर्यादा और कार्यकुशलता के संगम के साथ डॉ. कौस्तुभ ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और स्पष्ट किया कि अब ‘पुलिसिंग’ केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखनी चाहिए।

वरिष्ठता का सम्मान: एक सकारात्मक संदेश
बैठक की शुरुआत ही एक गरिमामयी पहल से हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पद की गरिमा के साथ-साथ वरिष्ठता का सम्मान करते हुए पीपीएस अधिकारी एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र को अपने बगल में बैठाया। सभी अधिकारियों से व्यक्तिगत परिचय प्राप्त करने के बाद एसएसपी ने एक टीम लीडर की भूमिका में कार्ययोजना प्रस्तुत की। पुलिस महकमे में इस पहल को एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल और बेहतर होने की उम्मीद है।
अपराधियों पर कड़ा प्रहार और जवाबदेही तय

डॉ. कौस्तुभ ने बैठक के दौरान अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि:
- संगठित अपराध पर प्रहार: जिले में सक्रिय माफियाओं और संगठित गिरोहों की कमर तोड़ी जाए।
- वांछितों की धरपकड़: लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
- विवेचनाओं में तेजी: थानों में लंबित विवेचनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
फरियादियों की सुनवाई: संवेदनशीलता ही प्राथमिकता
जनता की शिकायतों के निस्तारण पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का विशेष जोर रहा। उन्होंने सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। डॉ. कौस्तुभ ने कहा, “पुलिस की छवि जनता के साथ उसके व्यवहार और संवाद से बनती है। यदि किसी पीड़ित को थाने से निराश होकर लौटना पड़ा, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
महिला सुरक्षा और मजबूत गश्त का खाका
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों, स्कूल-कॉलेजों और बाजारों में ‘पिंक पेट्रोल’ और पैदल गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि रात्रि गश्त केवल औपचारिक न रहे, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। अपराधियों में पुलिस का खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना ही नई कप्तानी का मुख्य लक्ष्य है।
अनुशासन और प्रोत्साहन का मंत्र
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अनुशासन को पुलिस बल की आत्मा बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी। वहीं, उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग द्वारा प्रोत्साहित और सम्मानित भी किया जाएगा।
अधिकारियों की रही भारी मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में गोरखपुर पुलिस के लगभग सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय सहित जिले के सभी सर्किल ऑफिसर (सीओ) मौजूद रहे। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, सीओ कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी, सीओ गोला दरवेश, सीओ चौरीचौरा मनीष कुमार शर्मा और अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति से एसएसपी को अवगत कराया।
निष्कर्ष: नई कप्तानी से जगी नई उम्मीद
डॉ. कौस्तुभ की पहली बैठक ने यह साफ कर दिया है कि गोरखपुर में अब ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ पुलिसिंग होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में उनके अनुभव और कार्यशैली से जिले के नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि अब अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा और आम जनता को पुलिस कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई कप्तानी का यह आगाज निश्चित रूप से गोरखपुर को एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम है।
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