बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 14 March 2026
परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प और बेहतर शैक्षिक प्रबंधन के उद्देश्य से शनिवार को गोला उपनगर स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। एसएमसी प्रशिक्षण गोला ब्लॉक 2026 के अंतर्गत ब्लॉक के समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के अध्यक्षों और प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। खंड शिक्षाधिकारी (BEO) उदय शंकर राय की देखरेख में आयोजित इस एकदिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विद्यालय के विकास, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
एसएमसी का गठन और संरचना: सचिव व अध्यक्ष की भूमिका
कार्यशाला को संबोधित करते हुए खंड शिक्षाधिकारी उदय शंकर राय ने विद्यालय प्रबंध समिति की संरचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यालय के सुचारू संचालन के लिए एसएमसी का गठन एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। एसएमसी प्रशिक्षण गोला ब्लॉक 2026 में उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- सदस्यता: समिति में कुल 15 सदस्य होते हैं।
- चयन प्रक्रिया: इनमें से 10 सदस्य विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों द्वारा सर्वसम्मति से चुने जाते हैं, जबकि 5 सदस्य विभाग द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
- सहयोग: अध्यक्ष (अभिभावक) और सचिव (प्रधानाध्यापक) के बीच समन्वय ही विद्यालय की प्रगति का आधार है।
निर्माण कार्य और वित्तीय पारदर्शिता
प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र विद्यालय में होने वाले निर्माण कार्य और रखरखाव था। श्री राय ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में यदि कोई भी निर्माण कार्य कराया जाना है, तो उसके लिए एसएमसी की बैठक बुलाना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“बिना एसएमसी के प्रस्ताव और अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य मान्य नहीं होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैठक की कार्यवाही को विधिवत रजिस्टर में दर्ज किया जाए और अध्यक्ष के हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से लिए जाएं।“
सामुदायिक सहभागिता: गांव और स्कूल के बीच सेतु
एसएमसी प्रशिक्षण गोला ब्लॉक 2026 के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि परिषदीय विद्यालय केवल सरकारी संस्थान नहीं, बल्कि गांव की संपत्ति हैं। जब अभिभावक और अध्यक्ष सक्रिय होंगे, तभी विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति, एमडीएम (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और बच्चों के सीखने के स्तर (Learning Outcomes) में सुधार होगा। बीईओ ने अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से विद्यालय का भ्रमण करें और शिक्षा की गुणवत्ता की निगरानी करें।
वरिष्ठ शिक्षकों और पदाधिकारियों का मिला मार्गदर्शन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण हस्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। ब्लॉक अध्यक्ष काशीनाथ तिवारी ने शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अध्यक्षों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों का बोध होता है, जिससे विद्यालय प्रबंधन में सुगमता आती है।

उपस्थिति और सहभागिता
कार्यक्रम में गोला ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाध्यापकों और प्रबंध समिति के अध्यक्षों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से:
- उपेंद्र मिश्रा, रामनयन शुक्ला, श्रवण प्रकाश शुक्ला, हरिकेश सिंह
- बिपिन मिश्रा, पंकज राय, राहुल मिश्रा, संतोष सिंह
- अशोक सिंह, धीरज कुमार, वर्तिका पासवान, रागिनी सिंह, सीमा यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षा प्रेमी उपस्थित रहे। उपस्थित शिक्षकों ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में हो रहे बदलावों की जानकारी भी साझा की।
प्रशिक्षण का निष्कर्ष और भावी लक्ष्य
एसएमसी प्रशिक्षण गोला ब्लॉक 2026 का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि प्रत्येक विद्यालय को एक ‘आदर्श विद्यालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अध्यक्षों ने कहा कि अब वे विद्यालय के कार्यों में और अधिक सक्रियता से हाथ बटाएंगे।
खंड शिक्षाधिकारी ने अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषदीय शिक्षा को निजी स्कूलों से बेहतर बनाना ही हमारा अंतिम लक्ष्य है और इसमें एसएमसी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।












