बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार के ‘निपुण भारत मिशन’ और बेसिक शिक्षा (Education) विभाग की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शनिवार को गोला नगर पंचायत स्थित पी एम श्री प्राथमिक विद्यालय, परनई में एक भव्य ‘शिक्षा चौपाल’ एवं जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को विद्यालय से जोड़ने और बच्चों के शैक्षिक स्तर को सुधारने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) गोला, उदय शंकर राय द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्जन एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया।

खण्ड शिक्षा अधिकारी का संबोधन: तकनीक और सुविधाओं का मेल
शिक्षा चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उदय शंकर राय ने कहा कि शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से निकालकर महानता के शिखर तक पहुँचाती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के कायाकल्प के लिए उठाए जा रहे कदमों की सराहना की।
बीईओ ने अपने संबोधन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- डीबीटी का लाभ: सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से 1200 रुपये की धनराशि ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर और स्कूल बैग के लिए सीधे भेजी जा रही है।
- आधुनिक सुविधाएं: अब सरकारी प्राथमिक विद्यालय भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास, डेस्क-बेंच और अत्याधुनिक शिक्षण सामग्री से लैस हो रहे हैं।
- पोषण और स्वास्थ्य: सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील (MDM) की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बच्चों का शारीरिक विकास भी बेहतर हो सके।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और शिक्षकों का सम्मान
विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पारंपरिक नृत्य और प्रेरणादायी गीतों की सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं, जिसे देखकर उपस्थित अभिभावक मंत्रमुग्ध हो गए। यह प्रस्तुतियाँ न केवल मनोरंजन का साधन थीं, बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व का संदेश भी दे रही थीं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुनील भारद्वाज ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया और विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक अमित राय ने किया।
समाज की भागीदारी और जागरूकता
शिक्षा चौपाल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को यह समझाना था कि बच्चों के भविष्य निर्माण में केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि परिवार की भी बराबर की भागीदारी होती है। बीईओ उदय शंकर राय ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और घर पर भी उनकी पढ़ाई का ध्यान रखें।
इस अवसर पर प्रवीण दुबे, शैलेन्द्र, बब्लू राय, हेमन्त राय, गोविन्द पटेल, समीक्षा मिश्रा, मनीष गौंड़, अशोक कुमार, मनोज यादव और प्रदीप गौंड़ सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: बदलती तस्वीर और नया विश्वास
पी एम श्री विद्यालय परनई में आयोजित यह शिक्षा चौपाल इस बात का प्रमाण है कि अब सरकारी स्कूलों के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है। प्रशासन और शिक्षकों के आपसी तालमेल से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की तस्वीर बदल रही है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से न केवल नामांकन दर में वृद्धि होती है, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को भी एक मंच मिलता है।













