बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 23 फरवरी 2026
गोरखपुर जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब को अक्षुण्ण बनाए रखने और आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में जिला शांति–सद्भावना समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य केंद्र आगामी होली, पवित्र रमजान माह और ईद-उल-फितर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सांप्रदायिक सौहार्द और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करना रहा।
प्रशासनिक सतर्कता और त्योहारों की तैयारी
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि होली का उत्साह और रमजान की इबादत दोनों ही हमारी साझा संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि दोनों समुदायों के लोग अपने-अपने पर्व बिना किसी बाधा के मना सकें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सुरक्षा खाका पेश करते हुए बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी। सद्भावना बैठक के दौरान अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की स्थानीय बैठकें भी तत्काल आयोजित करें।
समिति के सदस्यों ने उठाए जनहित के मुद्दे
बैठक में उपस्थित शांति–सद्भावना समिति के सदस्यों ने धरातल पर आने वाली समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने सुझाव दिया कि त्योहारों के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति निर्बाध रखी जानी चाहिए।
- होली: सदस्यों ने मांग की कि होलिका दहन स्थलों के पास सफाई और बिजली के लटकते तारों को ठीक किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो।
- रमजान व ईद: सुबह सेहरी और शाम को इफ्तार के समय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने का सुझाव दिया गया।
इन गणमान्य जनों ने रखा अपना पक्ष
बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से आदिल अमीन, प्रिया कुमारी शुक्ला, सैयद इरशाद अहमद, डॉ. सरवर हुसैन, डॉ. सुधाकर पांडे, मुर्तुजा रहमानी, शाकिर सलमानी और अजीत लहरी ने प्रशासन के साथ अपने विचार साझा किए। इन प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया कि वे अपने-अपने स्तर पर लोगों को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

अधिकारियों का आश्वासन: ‘सुविधा और सुरक्षा’ प्राथमिकता
अधिकारियों ने समिति के सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से नोट किया। एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) को निर्देशित किया गया कि वे स्वयं संवेदनशील स्थलों का भ्रमण करें। बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- ड्रोन से निगरानी: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील गलियों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी।
- एंटी-रोमियो स्क्वाड: होली के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष दस्ते सक्रिय रहेंगे।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: त्योहारों के दिन शहर के प्रमुख चौराहों पर डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा।
समन्वय से सुलझेंगे विवाद
इस सद्भावना बैठक का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि किसी भी छोटे-मोटे विवाद को स्थानीय स्तर पर बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाए। यदि कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो शांति समिति के सदस्य पुल का काम करेंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर का इतिहास रहा है कि यहाँ हर त्योहार मिल-जुलकर मनाया जाता है और इस परंपरा को इस वर्ष भी कायम रखा जाएगा।

उपस्थित प्रशासनिक अमला
बैठक में गोरखपुर के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी सिटी, सीओ, सभी थाना प्रभारी और जिला शांति–सद्भावना समिति के समस्त सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को आगामी त्योहारों की अग्रिम बधाई दी।
निष्कर्ष
पुलिस लाइन सभागार में हुई यह सद्भावना बैठक प्रशासन और जनता के बीच बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। होली की खुशियों और रमजान की पवित्रता के बीच यह संवाद सुनिश्चित करता है कि गोरखपुर विकास और शांति की राह पर निरंतर अग्रसर रहेगा। प्रशासन की मुस्तैदी और नागरिकों का सहयोग ही इन त्योहारों को यादगार और सुरक्षित बनाएगा।












