गोलाबाजार, गोरखपुर: 7 मार्च 2026
लोकतंत्र में शासन और प्रशासन की सफलता का पैमाना जनता की संतुष्टि है। इसी उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए शनिवार को गोरखपुर जनपद की गोला तहसील के भव्य सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस (Sampurn Samadhan Divas) का आयोजन किया गया। उप जिलाधिकारी (SDM) गोला, अमित कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में सुबह से ही फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तहसील के उच्चाधिकारियों ने न केवल जनता की शिकायतों को विधिवत सुना, बल्कि उनके न्यायसंगत और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश भी जारी किए।
राजस्व और पुलिस के मामलों की रही प्रधानता
प्राप्त विवरण के अनुसार, इस बार के समाधान दिवस पर अधिकांश मामले जमीन-जायदाद और राजस्व विभाग से संबंधित रहे। पैमाइश, अवैध कब्जे और वरासत जैसे मुद्दों को लेकर ग्रामीण काफी परेशान नजर आए। राजस्व के अलावा पुलिस प्रशासन, विकास खंड, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, नलकूप, बिजली विभाग और समाज कल्याण से जुड़े प्रार्थना पत्र भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुए।
एसडीएम अमित कुमार जायसवाल के साथ क्षेत्राधिकारी (CO) गोला दरवेश कुमार, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य और नायब तहसीलदार बीसी चौहान ने एक-एक फरियादी की पीड़ा को धैर्यपूर्वक सुना। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निस्तारण का आंकड़ा: 69 में से 5 को मिला तत्काल न्याय
शनिवार को आयोजित इस विशेष सत्र में कुल 69 मामले दर्ज किए गए। अधिकारियों ने मौके की स्थिति और दस्तावेजों की जांच के आधार पर 5 मामलों का तत्काल निस्तारण कर फरियादियों को राहत पहुँचाई। शेष 64 मामलों को उनकी गंभीरता और प्रकृति के अनुसार संबंधित विभागीय अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया गया।
एसडीएम ने निर्देश दिया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका है, उनकी जांच के लिए टीमें मौके पर भेजी जाएं और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने विशेष रूप से ‘राजस्व और पुलिस’ की संयुक्त टीम को विवादित जमीनों के मामलों में निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए।
प्रशासनिक अमले की उपस्थिति
समाधान दिवस के इस सफल आयोजन में तहसील और ब्लॉक स्तर के तमाम महत्वपूर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान रमेश कुशवाहा, सुनील कुमार सोनी, संजय कुमार, सुनील कुमार यादव, अमित कुमार राय, कृष्ण कुमार यादव, उदयशंकर राय और लल्लन प्रसाद ने अपने-अपने विभागों से संबंधित फाइलों और शिकायतों का संज्ञान लिया।
राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राजस्व निरीक्षक लालजी शर्मा, राम मूर्ति वर्मा, रमेश पांडे, चंद्रमणि चौरसिया, राजेश सिंह, अरविंद कुमार और गिरजेश यादव भी मुस्तैद दिखे। अधिकारियों ने लेखपालों को निर्देश दिया कि वे गांवों में जाकर पीड़ितों से सीधे संवाद करें ताकि शिकायतों का अंबार न लगे।

फरियादियों की उम्मीद और प्रशासन का भरोसा
संपूर्ण समाधान दिवस में आए कई बुजुर्गों और महिलाओं के चेहरों पर न्याय की आस दिखाई दी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप “भ्रष्टाचार मुक्त और त्वरित न्याय” व्यवस्था को हर हाल में कायम रखा जाएगा। बिजली विभाग के जर्जर तारों और पेंशन रुकने जैसी समस्याओं पर संबंधित विभागों को विशेष कैंप लगाने की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस (Sampurn Samadhan Divas) केवल कागजी खानापूर्ति नहीं है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच सीधा सेतु है। यहाँ प्राप्त होने वाले हर एक प्रार्थना पत्र की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
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