77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) के पावन अवसर पर गोरखपुर के पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार देखने को मिला। अनुशासित परेड, ओजस्वी संबोधन और भव्य सम्मान समारोह के बीच आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। गगनभेदी जयघोष और देशभक्ति के गीतों के बीच मंत्री ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। पूरा परिसर तिरंगे के तीन रंगों और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत सुबह निर्धारित समय पर हुई। मुख्य अतिथि के आगमन पर एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज एस.एस. चनप्पा और डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस के नेतृत्व में शानदार परेड की सलामी ली गई।

मंत्री का ओजस्वी संबोधन: सशक्त भारत की गौरवगाथा
ध्वजारोहण और परेड निरीक्षण के बाद जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उपस्थित जनसमूह और पुलिस बल को संबोधित किया। उनका भाषण राष्ट्रवाद और विकसित भारत के संकल्प पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया का उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक चेतना, आत्मसम्मान और लोकतांत्रिक शक्ति का प्रतीक है।
स्वतंत्र देव सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत एक ऐसी वैश्विक शक्ति बन चुका है जो न तो किसी के सामने झुकता है और न ही अपनी संप्रभुता से समझौता करता है। उन्होंने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, आतंकवाद पर प्रभावी प्रहार और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती धमक का विशेष उल्लेख किया। मंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खुले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत विश्व का नेतृत्व करने वाला अग्रणी राष्ट्र बनेगा।
पदक और प्रशस्ति पत्रों से पुलिस बल का सम्मान

समारोह का सबसे गौरवशाली क्षण वह था जब कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदकों से अलंकृत किया गया। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा घोषित अति उत्कृष्ट और उत्कृष्ट सेवा पदकों का वितरण मुख्य अतिथि के हाथों संपन्न हुआ।
सम्मानित होने वाले प्रमुख अधिकारी: निरीक्षक स्तर पर फिरोज अहमद को ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ प्रदान किया गया, जबकि मुहम्मद राशिद खां, विजय प्रताप सिंह और बृजेश कुमार सिंह को ‘उत्कृष्ट सेवा पदक’ से नवाजा गया। निरीक्षक अनिल कुमार तिवारी को पुलिस महानिदेशक के प्रतिष्ठित प्रशस्ति चिन्ह से सम्मानित किया गया। उपनिरीक्षक श्रेणी में राजकुमार चौधरी, रामानंद मिश्र, मो. हसीन, बलराम पाण्डेय और पतिराम को उनकी लंबी और बेदाग सेवा के लिए ‘अति उत्कृष्ट सेवा पदक’ दिया गया।
अधीनस्थ कर्मचारियों का प्रोत्साहन: मुख्य आरक्षी फूलदेव, अवनीश यादव और रंजीत कुमार को ‘अति उत्कृष्ट’ जबकि अजय सिंह, प्रमोद प्रजापति, मनोज सरोज और मो. सोहेल खां को ‘उत्कृष्ट सेवा पदक’ प्रदान किया गया। आरक्षी रिपुंजय को भी पदक देकर प्रोत्साहित किया गया। यह सम्मान न केवल इन कर्मचारियों के व्यक्तिगत शौर्य का प्रतीक है, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने वाला है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बिखेरी देशभक्ति की छटा

अनुशासित परेड के बाद स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने ‘विविधता में एकता’ और ‘वीर जवानों की शहादत’ पर आधारित नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। नन्हे मुन्नों के प्रदर्शन ने परेड ग्राउंड में मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में गर्व और देशभक्ति की चमक पैदा कर दी। इन बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए एडीजी, डीआईजी और एसएसपी की धर्मपत्नियों द्वारा स्मृति चिन्ह और पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रशासनिक समन्वय और गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की झलक भी देखने को मिली। एसएसपी राज करन नय्यर ने जनपद न्यायाधीश राजकुमार सिंह, मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और जिलाधिकारी दीपक मीणा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन उपनिरीक्षक सुनीता सिंह द्वारा किया गया।
परेड की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कमांडरों—प्रथम कमांडर अरुण कुमार एस, द्वितीय कमांडर दिनेश गोदारा और तृतीय कमांडर साजिद अली को भी उनकी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के लिए पुरस्कृत किया गया। समारोह में विधायक प्रदीप शुक्ला सहित पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: नए संकल्पों का उदय
गोरखपुर पुलिस लाइन में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह केवल एक उत्सव मात्र नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और विकसित होते समाज का प्रतिबिंब था। जहाँ एक ओर हथियारों से लैस जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा का भरोसा दिलाया, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने हमारे सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित किया। अंत में, राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ, जिसने हर हृदय में एक नए और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प जगाया।
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