बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 1 मार्च 2026
गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रुकौली में शनिवार रात अराजक तत्वों ने धार्मिक आस्था पर प्रहार कर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का दुस्साहस किया। गांव के प्रतिष्ठित स्थान पर स्थापित डीह बाबा और मां काली की धार्मिक प्रतिमा को शरारती तत्वों द्वारा खंडित कर दिया गया। रविवार सुबह जैसे ही यह खबर ग्रामीणों को मिली, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया। हालांकि, सूचना मिलते ही हरकत में आई गोला पुलिस ने न केवल स्थिति को बिगड़ने से बचाया, बल्कि तत्काल नई प्रतिमाएं स्थापित करवाकर मुख्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
घटना का विवरण: सुबह पोखरे पर मची खलबली
प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम रुकौली में गांव के पोखरे के समीप एक ऊंचे चबूतरे पर दशकों से मां काली और ग्राम देवता डीह बाबा की धार्मिक प्रतिमा स्थापित है। ग्रामीण प्रतिदिन सुबह यहाँ पूजा-अर्चना के लिए एकत्र होते हैं। रविवार की सुबह जब ग्रामीण पोखरे की ओर गए, तो उन्होंने देखा कि चबूतरे पर स्थापित मूर्तियां टूटी हुई जमीन पर पड़ी हैं।
देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के उद्देश्य से इस कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम दिया गया है। ग्रामीणों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए स्थानीय प्रबुद्धजनों ने तत्काल गोला पुलिस को मामले की जानकारी दी।

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और नई प्रतिमा की स्थापना
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) गोला, दरबेश कुमार और गोला थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने सबसे पहले आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और न्याय का भरोसा दिलाया। तनाव कम करने के लिए प्रशासन ने तत्काल खंडित प्रतिमाओं को वहां से हटवाया और अपने संरक्षण में उसी स्थान पर पूरी विधि-विधान के साथ नई धार्मिक प्रतिमा स्थापित करवाई। पुलिस की इस तत्परता की ग्रामीणों ने सराहना की, जिससे संभावित विवाद टल गया।
खंडहर भवन बना अराजक तत्वों का अड्डा
स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि चबूतरे के पास ही एक जर्जर सरकारी भवन स्थित है जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खंडहर में शाम ढलते ही बाहरी और गांव के कुछ अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। यहाँ लोग अवैध रूप से शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। ग्रामीणों को संदेह है कि नशे की हालत में या किसी साजिश के तहत इन्हीं तत्वों ने धार्मिक प्रतिमा को नुकसान पहुँचाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस खंडहर भवन को तत्काल ध्वस्त कराया जाए या यहाँ पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए।

दो आरोपी गिरफ्तार: क्षेत्राधिकारी का बयान
इस मामले में पुलिस ने मुखबिरों और स्थानीय इनपुट के आधार पर त्वरित छानबीन शुरू की। क्षेत्राधिकारी दरवेश कुमार ने बताया कि “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और शांति भंग करने के मामले में दो मुख्य आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए युवकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
घटना के बाद गोला पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि रुकौली की इस घटना को लेकर कोई भी भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट साझा न करे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
निष्कर्ष
रुकौली की घटना समाज के उन असामाजिक तत्वों की याद दिलाती है जो तुच्छ स्वार्थों के लिए सांप्रदायिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का प्रयास करते हैं। हालांकि, गोला पुलिस की सूझबूझ और ग्रामीणों के धैर्य ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। धार्मिक प्रतिमा की पुनर्स्थापना और दोषियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में विश्वास का माहौल लौटा है, लेकिन खंडहरों में पनपते अपराध पर लगाम लगाना पुलिस के लिए आगामी चुनौती बनी हुई है।













