गोरखपुर: केंद्रीय बजट 2026 के संसद में पेश होने के बाद राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गोरखपुर सदर सांसद और लोकप्रिय अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने इस बजट को उत्तर प्रदेश के लिए एक ‘स्वर्णिम अध्याय’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत’ को हकीकत में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। रवि किशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग विकास के विरोधी हैं, उनकी राजनीति अब जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के लिए बजट के 5 बड़े स्तंभ
सांसद रवि किशन ने बजट के उन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला जो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के हर हिस्से—चाहे वह पूर्वांचल हो, बुंदेलखंड हो या पश्चिमी उत्तर प्रदेश—के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।
1. इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन: मेट्रो और एक्सप्रेसवे का विस्तार
बजट में उत्तर प्रदेश के शहरी परिवहन को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए ₹32,075 करोड़ का भारी-भरकम फंड आवंटित किया गया है। यह राशि लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाएगी। इसके अलावा, Ganga Expressway के विस्तार और नए औद्योगिक गलियारों के लिए ₹22,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो सीधे तौर पर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा।
2. तकनीक और नवाचार: जेवर में सेमीकंडक्टर पार्क और AI सिटी
उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित राज्य नहीं रहा, बल्कि यह तकनीक का हब बनने जा रहा है। बजट 2026 में जेवर एयरपोर्ट के पास देश का पहला ‘सेमीकंडक्टर डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग पार्क’ स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही, राजधानी लखनऊ को देश की AI सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश को वैश्विक Information Technology मानचित्र पर स्थापित कर देगा।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा: नया AIIMS और IIT बुंदेलखंड
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करते हुए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश को नया AIIMS मिलने जा रहा है। वहीं, बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के शैक्षिक उत्थान के लिए वहां IIT की स्थापना का संकल्प लिया गया है। रवि किशन ने बताया कि हर जिले में ‘इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर’ और कैंसर व डायबिटीज की दवाओं को सस्ता करना सरकार की जन-कल्याणकारी सोच का प्रमाण है।
विकास विरोधियों पर तीखा प्रहार
विपक्ष पर निशाना साधते हुए रवि किशन ने कहा कि जो लोग दशकों तक उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहकर मजाक उड़ाते थे, उन्हें आज प्रदेश की तेज प्रगति देखकर ‘बदहजमी’ हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति अब खत्म हो चुकी है क्योंकि जनता धरातल पर हो रहे कार्यों को देख रही है।
“यह बजट केवल कागजी घोषणाओं का पुलिंदा नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की गारंटी है। वाराणसी का शिप रिपेयर इकोसिस्टम हो या गोरखपुर का सशक्तिकरण—हमारा लक्ष्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।” — रवि किशन शुक्ला
महिला सशक्तिकरण: श्री मार्ट और कामकाजी महिला छात्रावास
बजट में आधी आबादी यानी महिलाओं के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार दिलाने के लिए ‘श्री मार्ट’ (Shree Mart) की श्रृंखला शुरू की जाएगी। इसके अलावा, शहरों में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा और आवास के लिए हर जिले में आधुनिक छात्रावास बनाए जाएंगे।
निष्कर्ष: विकसित भारत का पथ-प्रदर्शक उत्तर प्रदेश
सांसद रवि किशन के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026 ने यह साबित कर दिया है कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। वाराणसी में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और प्रयागराज में औद्योगिक नोड जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल रोजगार पैदा करेंगे, बल्कि प्रदेश की जीडीपी में भी बड़ा योगदान देंगे। यह बजट नए भारत की आर्थिक और राजनीतिक घोषणा है, जो 2026 के बाद उत्तर प्रदेश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
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