नयी दिल्ली/गोरखपुर: 24 मार्च 2026

लोकतंत्र की खूबसूरती तब निखर कर आती है जब देश के सर्वोच्च पद पर बैठी शख्सियत और जनता का प्रतिनिधि मिलकर समाज के उस अंतिम व्यक्ति की चर्चा करते हैं, जो दशकों तक उपेक्षित रहा। इसी गौरवशाली क्षण का गवाह बना राष्ट्रपति भवन, जहाँ गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात का केंद्र बिंदु राजनीति नहीं, बल्कि गोरखपुर के उन वनटांगिया और आदिवासी परिवारों का उत्थान था, जिन्हें कभी राजस्व ग्राम का दर्जा तक हासिल नहीं था। रवि किशन राष्ट्रपति मुलाकात ने यह स्पष्ट कर दिया कि डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से अब जंगलों के बीच रहने वाले इन समुदायों के जीवन में खुशहाली का सवेरा हो चुका है।
वनटांगिया समाज: अभावों से आत्मसम्मान तक का सफर
सांसद रवि किशन ने राष्ट्रपति महोदया को अवगत कराया कि गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाला वनटांगिया समाज दशकों तक नागरिक सुविधाओं से वंचित था। उनके पास न घर थे, न बिजली और न ही अपने बच्चों के लिए स्कूल। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प ने इस परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।
रवि किशन ने चर्चा के दौरान बताया कि कैसे वनटांगिया बस्तियों को ‘राजस्व ग्राम’ का दर्जा देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा गया। आज इन बस्तियों में पक्के आवास (प्रधानमंत्री आवास योजना), स्वच्छ पेयजल और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। राष्ट्रपति मुर्मू, जो स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और इस संघर्ष को बेहतर समझती हैं, ने इन बदलावों को बड़े ध्यान से सुना।
शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नई बुनियाद
मुलाकात के दौरान रवि किशन ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी सुधारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि:
- स्कूली शिक्षा: वनटांगिया बस्तियों के भीतर ही प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की गई है, जिससे अब आदिवासी बच्चों को मीलों पैदल नहीं चलना पड़ता।
- कौशल विकास: युवाओं के लिए विशेष ‘कौशल विकास केंद्र’ संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ उन्हें आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और आयुष्मान भारत योजना के तहत इन समुदायों को गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा घर के पास मिल रही है।
“समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना ही सच्चे अर्थों में समावेशी प्रगति है। गोरखपुर के वनटांगिया समाज में आ रहा यह बदलाव पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।” — द्रौपदी मुर्मू, महामहिम राष्ट्रपति
योगी मॉडल की सराहना: ‘भयमुक्त और विकसित समाज’
सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके संरक्षण में वनटांगिया और आदिवासी समाज अब ‘वोट बैंक’ नहीं, बल्कि ‘विकास का साझीदार’ बन गया है। दीपावली जैसे त्योहार अब मुख्यमंत्री स्वयं इन बस्तियों में मनाते हैं, जिससे इन वर्गों में आत्मसम्मान की भावना जाग्रत हुई है। महामहिम राष्ट्रपति ने इस मानवीय दृष्टिकोण और शासन की संवेदनशीलता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण
रवि किशन ने राष्ट्रपति को जानकारी दी कि आदिवासी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से जोड़ा गया है। वे अब हस्तशिल्प और वनोपज के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या में भारी कमी आई है।
निष्कर्ष: एक नई उम्मीद का उदय
रवि किशन राष्ट्रपति मुलाकात (Ravi Kishan President Meeting) केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं था, बल्कि यह वनटांगिया और आदिवासी समाज के प्रति केंद्र और राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण था। राष्ट्रपति मुर्मू का प्रोत्साहन और सांसद की सक्रियता यह दर्शाती है कि आने वाले समय में ये समुदाय न केवल मुख्यधारा का हिस्सा होंगे, बल्कि देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाएंगे। यह मुलाकात इन समुदायों के लिए गौरव, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनकर उभरी है।











