नई दिल्ली/गोरखपुर: 11 फरवरी 2026
पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी सुखद खबर सामने आ रही है। गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद रवि किशन शुक्ल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत देश की सबसे आधुनिक रेल सेवा वंदे भारत स्लीपर को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने प्रस्तावित दिल्ली-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को गोरखपुर-सिवान मार्ग से संचालित करने की जोरदार पैरवी की है। सांसद का तर्क है कि इस रूट पर आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेनों की भारी कमी है, जिससे लाखों यात्रियों को आए दिन फजीहत झेलनी पड़ती है।

लोकसभा में नियम 377 के तहत गूंजी मांग
सदन की कार्यवाही के दौरान सांसद रवि किशन ने रेल मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि दिल्ली और पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार गुवाहाटी के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को यदि गोरखपुर और सिवान के रास्ते चलाया जाता है, तो यह पूरे उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय लिखेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मार्ग पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में साल भर पैर रखने की जगह नहीं होती और वेटिंग लिस्ट का आंकड़ा सैकड़ों में रहता है।
क्यों जरूरी है गोरखपुर-सिवान रूट?
सांसद ने सदन में इस रूट की महत्ता को विस्तार से समझाया। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र: गोरखपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि नाथ संप्रदाय की विश्वप्रसिद्ध पीठ गोरखनाथ मंदिर का केंद्र है। यहाँ देशभर से श्रद्धालु आते हैं, जिनके लिए आधुनिक रेल सेवा अनिवार्य है।
- व्यापारिक हब: यह क्षेत्र व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती जिलों (जैसे सिवान, देवरिया) के लोग बड़ी संख्या में व्यापार और रोजगार के लिए दिल्ली और गुवाहाटी की यात्रा करते हैं।
- यात्रियों का दबाव: त्योहारों के समय यहाँ ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना नामुमकिन हो जाता है। वंदे भारत स्लीपर आने से इस दबाव को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के बीच बढ़ेगी नजदीकियां
सांसद रवि किशन ने कहा कि गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का ‘गेटवे’ है। दिल्ली से गुवाहाटी तक की यात्रा लंबी होती है, जिसे आरामदायक बनाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। वंदे भारत स्लीपर अपनी विश्वस्तरीय सुविधाओं, जैसे सेंसर आधारित लाइटिंग, आधुनिक टॉयलेट्स और कम शोर वाले कोच के लिए जानी जाती है। यदि यह गोरखपुर-सिवान मार्ग से गुजरती है, तो इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और उद्योग को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय एकता का सेतु
सांसद ने जोर देकर कहा कि बेहतर रेल संपर्क राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक प्रभावी कदम होता है। आधुनिक रेल सेवा से पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने माननीय रेल मंत्री से आग्रह किया कि जनहित और व्यापारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस रूट परिवर्तन को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए।
जनता की उम्मीदों को मिला बल
सांसद की इस मांग के बाद गोरखपुर और सिवान के रेल यात्रियों में खुशी की लहर है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों और नागरिक मंचों ने रवि किशन की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि यदि यह ट्रेन इस रूट पर आती है, तो गोरखपुर रेलवे स्टेशन की गरिमा और बढ़ेगी और यात्रियों को दिल्ली तक का सफर बेहद आरामदायक और तेज गति वाला मिल सकेगा।
निष्कर्ष
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का गोरखपुर-सिवान मार्ग से संचालित होना न केवल एक ट्रेन की सुविधा है, बल्कि यह पूर्वांचल के विकास की नई पटरी तैयार करने जैसा है। सांसद रवि किशन द्वारा लोकसभा में उठाई गई यह आवाज यदि रेल मंत्रालय द्वारा सुनी जाती है, तो आने वाले समय में गोरखपुर से दिल्ली और गुवाहाटी का सफर महज चंद घंटों का और बेहद शानदार होगा।
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