बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 14 फरवरी 2026
आज से ठीक सात वर्ष पहले, 14 फरवरी 2019 का वह काला दिन भारत के इतिहास में कभी न भूलने वाला जख्म दे गया था। जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले ने देश के 40 जांबाज सीआरपीएफ (CRPF) जवानों को हमसे छीन लिया था। उस पुलवामा हमला की सातवीं बरसी पर आज पूरा देश गमगीन है और अपने वीर सपूतों की शहादत को नमन कर रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निषाद नगर मठिया में युवाओं ने सामूहिक रूप से कैंडल जलाकर और दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मठिया गांव में गूंजा ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष
शनिवार की शाम निषाद नगर मठिया गांव के झंडा चौक पर एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। गांव के दर्जनों नवयुवक हाथों में तिरंगा और कैंडल लेकर एकत्र हुए। जैसे ही शाम ढली, झंडा चौक कैंडल की रोशनी से जगमगा उठा। युवाओं ने ‘भारत माता की जय’, ‘शहीद जवान अमर रहें’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीदों का नाम रहेगा’ जैसे गगनभेदी नारों से पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
अभिमन्यु निषाद और शैलेश निषाद के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर युवाओं की आंखों में अपने वीर जवानों के लिए सम्मान और आतंकवाद के प्रति गहरा आक्रोश साफ देखा जा सकता था।
पुलवामा हमला: वह जख्म जो आज भी ताजा है
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए युवाओं ने उस भयावह दिन को याद किया। 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ का काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा था, तभी विस्फोटक से भरी एक कार ने बस को टक्कर मार दी थी। इस आत्मघाती हमले में देश के 40 बेटों ने मां भारती की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आज सात साल बीत जाने के बाद भी निषाद नगर के युवाओं का मानना है कि उन जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

युवाओं का संदेश: ‘देश सर्वोपरि’
कार्यक्रम में मौजूद शुभम, सनी और समीर ने कहा कि आज का दिन केवल प्रेम का संदेश देने वाला ‘वेलेंटाइन डे’ नहीं है, बल्कि हमारे लिए यह ‘ब्लैक डे’ है। उन्होंने कहा, “जब देश की सीमाओं पर जवान अपनी जान की बाजी लगाते हैं, तभी हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। निषाद नगर के युवाओं का यह छोटा सा प्रयास उन वीर परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करने का जरिया है जिन्होंने अपना बेटा, पति या पिता खोया है।”
नई पीढ़ी में राष्ट्रवाद की अलख
झंडा चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए। अनूप, भोला, रोशन और अंकुश ने बताया कि गांव के युवा हर वर्ष इस दिन को इसी तरह मनाते हैं ताकि बच्चों और आने वाली पीढ़ी को देश के नायकों के बारे में पता चले। गगन, गौरव और धर्मवीर ने भी शहीदों की गाथाओं को याद किया और शपथ ली कि वे हमेशा देश की एकता और अखंडिटी के लिए कार्य करेंगे।
पूरे क्षेत्र में रही श्रद्धा की लहर
केवल निषाद नगर ही नहीं, बल्कि गोला उपनगर के विभिन्न हिस्सों में भी पुलवामा हमला के शहीदों को याद किया गया। शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने भी मौन जुलूस निकालकर जवानों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि 14 फरवरी अब भारत के लिए गौरव और शोक का मिश्रित दिन बन गया है, जो हमें याद दिलाता है कि हमारी आजादी की कीमत कितनी बड़ी है।
शहीद परिवारों के प्रति एकजुटता
श्रद्धांजलि सभा के अंत में युवाओं ने संकल्प लिया कि वे समाज में भाईचारा बनाए रखेंगे और देश विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहेंगे। उन्होंने सरकार से भी मांग की कि शहीद परिवारों की सहायता और सम्मान में कभी कोई कमी न आने दी जाए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे पूरा गांव देशभक्ति के जज्बे से भर गया।
उपस्थित युवा और नागरिक
इस गौरवपूर्ण अवसर पर मुख्य रूप से अभिमन्यु निषाद, शैलेश निषाद, शुभम, सनी, समीर, शिवम, अनूप, भोला, रोशन, अंकुश, गगन, गौरव, धर्मवीर सहित गांव के अन्य गणमान्य नागरिक और किशोर उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
निषाद नगर मठिया के युवाओं द्वारा पुलवामा हमला की बरसी पर किया गया यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आज का युवा अपनी संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सजग है। कैंडल की वह लौ न केवल शहीदों की याद में जल रही थी, बल्कि वह हर भारतीय के दिल में जल रही उस ज्वाला का प्रतीक थी जो आतंकवाद के अंत और देश की प्रगति के लिए संकल्पित है। अमर शहीदों को सत-सत नमन!
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