बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 4 मार्च 2026
सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और सड़कों पर सरपट दौड़ते दोपहिया वाहन मासूम राहगीरों के लिए काल साबित हो रहे हैं। गोरखपुर जनपद के गोला थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेज रफ्तार पल्सर बाइक ने पैदल जा रहे एक वृद्ध व्यक्ति को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वे सीधे कोमा में चले गए। घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। गोला पुलिस ने पीड़ित के पुत्र की तहरीर पर नामजद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शाम की सैर बनी काल: पीछे से आई मौत
प्राप्त विवरण के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र के ग्राम फतेपुर निवासी अजीत यादव ने गोला थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए मर्मस्पर्शी तहरीर दी है। घटना बीते 23 फरवरी की शाम लगभग 5 बजे की है। अजीत के पिता, रामहित यादव, रोज की तरह सड़क मार्ग पर पैदल टहलने निकले थे। वे अभी रास्ते में ही थे कि अचानक पीछे से आ रही एक काले रंग की पल्सर बाइक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही वृद्ध रामहित यादव हवा में उछलकर सड़क के कठोर हिस्से पर सिर के बल गिरे। टक्कर मारने वाला युवक, जिसकी पहचान रोहित उर्फ गब्बर यादव पुत्र स्व. अजय उर्फ झिनक यादव (निवासी वाड़ी तरया, गोला) के रूप में हुई है, ने घायल की मदद करने के बजाय बाइक की रफ्तार और बढ़ा दी और मौके से फरार हो गया।
सिर में लगी गंभीर चोट, अस्पताल में चल रहा जीवन संघर्ष
हादसे के तुरंत बाद ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुँचे। रामहित यादव लहूलुहान अवस्था में अचेत पड़े थे, उनके सिर से अत्यधिक खून बह रहा था। आनन-फानन में उन्हें बड़हलगंज स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, वृद्ध के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है और अंदरूनी रक्तस्राव (Internal Bleeding) के कारण उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल में उनका एक जटिल ऑपरेशन किया गया है, लेकिन वे अभी भी कोमा में बताए जा रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अजीत यादव ने पुलिस को बताया कि पिता की जान बचाने के लिए अस्पताल की भागदौड़ और इलाज में व्यस्त होने के कारण वे थाने में तहरीर देने में विलंब कर बैठे।
गोला पुलिस का एक्शन: बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता और वृद्ध की नाजुक स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी रोहित उर्फ गब्बर यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है:
- धारा 281: सार्वजनिक मार्ग पर उतावलेपन या लापरवाही से वाहन चलाना, जिससे मानव जीवन संकट में पड़े।
- धारा 125(ए): लापरवाही से किसी व्यक्ति को सामान्य चोट पहुँचाना।
- धारा 125(बी): ऐसी लापरवाही जिससे किसी व्यक्ति को गंभीर चोट या अपंगता (Grievous Hurt) पहुँचे।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की पल्सर बाइक की तलाश की जा रही है और गब्बर यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम वाड़ी तरया क्षेत्र में दबिश दे रही है।
सड़क सुरक्षा और युवाओं का बढ़ता उन्माद
गोला और आस-पास के क्षेत्रों में पल्सर बाइक जैसी स्पोर्ट्स बाइकों का क्रेज युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। अक्सर देखा जाता है कि संकरी ग्रामीण सड़कों पर भी ये युवा 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बाइक चलाते हैं। भीटी, फतेपुर और वाड़ी तरया जैसे क्षेत्रों में आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का मुख्य कारण यही ‘स्पीड थ्रिल’ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के समय जब बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर होते हैं, तब इन बाइकर्स का आतंक और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रमुख मोड़ों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ‘स्पीड ब्रेकर’ बनाए जाएं और पुलिस द्वारा नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए।
इलाज का खर्च और न्याय की गुहार
पीड़ित परिवार मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आता है। कोमा में भर्ती रामहित यादव के इलाज और ऑपरेशन में अब तक लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। अजीत यादव ने मांग की है कि फरार आरोपी को जल्द पकड़कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए ताकि उनके पिता के साथ हुए अन्याय का हिसाब हो सके।

निष्कर्ष
फतेपुर की यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि सड़क पर आपकी एक सेकंड की लापरवाही किसी का पूरा परिवार उजाड़ सकती है। आरोपी रोहित उर्फ गब्बर द्वारा टक्कर मारकर भागना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि अमानवीयता की पराकाष्ठा है। गोला पुलिस द्वारा दर्ज यह मुकदमा न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा और रामहित यादव स्वस्थ होकर घर लौटेंगे।












