बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 06 फरवरी 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुफ्त बिजली और सौर ऊर्जा’ को धरातल पर उतारने के लिए गोरखपुर जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है। शुक्रवार को गोला विकासखंड सभागार में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) सतीश कुमार सिंह ने पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति को लेकर सभी ग्राम विकास अधिकारियों और सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान डीडीओ ने स्पष्ट किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रति ग्राम पंचायत 10 घरों का ‘मिशन मोड’ लक्ष्य
समीक्षा बैठक के दौरान जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने योजना की धीमी गति पर असंतोष जाहिर करते हुए सभी सचिवों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर महीने कम से कम 10 पीएम सूर्य घर योजना के आवेदन पूर्ण कराए जाएं।
इसका अर्थ है कि गोला ब्लॉक की हर पंचायत से 10 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। डीडीओ ने कहा, “हमारा उद्देश्य हर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार को बिजली के भारी बिल से राहत दिलाना है। सचिवों की जिम्मेदारी है कि वे घर-घर जाकर लोगों को इस योजना के लाभ बताएं और उनका पंजीकरण कराएं।”
लक्ष्य पूरा न होने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
डीडीओ सतीश सिंह का रुख बैठक में काफी सख्त नजर आया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी सचिव निर्धारित समय सीमा के भीतर पीएम सूर्य घर योजना का लक्ष्य पूर्ण करने में विफल रहेगा, उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुस्ती को सेवा अभिलेखों (Service Records) में दर्ज किया जाएगा।
ब्लॉक परिसर का निरीक्षण और सुधार के निर्देश
बैठक के उपरांत जिला विकास अधिकारी ने गोला विकासखंड परिसर और कार्यालय का सघन निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्यालय की पत्रावलियों के रखरखाव, साफ-सफाई और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खंड विकास अधिकारी और अन्य स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि ब्लॉक परिसर में आने वाले फरियादियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
क्या है पीएम सूर्य घर योजना और इसके लाभ?
बैठक में सचिवों को योजना के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित भी किया गया। पीएम सूर्य घर योजना (जिसे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भी कहा जाता है) के तहत:
- लाभार्थियों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने का लक्ष्य है।
- सोलर पैनल लगवाने के लिए सरकार द्वारा भारी सब्सिडी दी जा रही है।
- इससे न केवल बिजली बिल शून्य होगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली को बेचकर परिवार आय भी अर्जित कर सकेंगे।
- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है।
डीडीओ ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया बहुत सरल है और सचिवों को ग्रामीणों की तकनीकी सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे मोबाइल ऐप या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकें।
सचिवों की उपस्थिति और सक्रियता
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में गोला ब्लॉक के समस्त सचिव और संबंधित लिपिक उपस्थित रहे। सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित करें और गांव में चौपाल लगाकर पीएम सूर्य घर योजना के प्रति जागरूकता फैलाएं। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले सप्ताह से प्रत्येक पंचायत की प्रगति रिपोर्ट का साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाएगा।
निष्कर्ष
गोला ब्लॉक में जिला विकास अधिकारी की यह सक्रियता दर्शाती है कि गोरखपुर जिला प्रशासन पीएम सूर्य घर योजना को लेकर गंभीर है। यदि हर महीने हर पंचायत में 10 सोलर पैनल लगाए जाते हैं, तो गोला क्षेत्र जल्द ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक मॉडल ब्लॉक बनकर उभरेगा। यह पहल न केवल ग्रामीणों के आर्थिक बोझ को कम करेगी, बल्कि प्रधानमंत्री के ‘हर घर रोशन’ के संकल्प को भी मजबूती देगी।
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