बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की गोला तहसील के अंतर्गत पीएमश्री स्कूल सेमरी में ‘निपुण भारत मिशन’ के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक भव्य शिक्षा (Education) चौपाल का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के प्रति जन-विश्वास को सुदृढ़ करना और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही अत्याधुनिक सुविधाओं से अभिभावकों को रूबरू कराना था।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा, जहाँ ग्रामीणों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर नई शिक्षा नीति और सरकारी योजनाओं के प्रति अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।

सरकारी स्कूलों का बदलता स्वरूप: प्रधान प्रतिनिधि का संबोधन
शिक्षा चौपाल की अध्यक्षता करते हुए सेमरी ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि सदन तिवारी ने कहा कि शिक्षा ही वह धुरी है जिस पर विकसित भारत का सपना टिका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ‘कायाकल्प योजना’ और ‘पीएमश्री’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से आज सरकारी विद्यालय निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाओं से लैस हो रहे हैं।
सदन तिवारी ने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे अपने बच्चों का नामांकन सरकारी विद्यालयों में कराएं। उन्होंने जोर दिया कि यहाँ न केवल नि:शुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जा रही है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, कला और तकनीकी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
निपुण भारत मिशन और चौपाल की सार्थकता
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सहायक अध्यापक रामसिंह ने चौपाल की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षा चौपाल एक ऐसा सेतु है जो शिक्षकों और अभिभावकों के बीच की दूरी को कम करता है। इसके माध्यम से अभिभावक सीधे तौर पर यह जान पाते हैं कि उनके बच्चे विद्यालय में क्या सीख रहे हैं और ‘निपुण लक्ष्य’ को प्राप्त करने में उनकी क्या भूमिका है।
अभिभावकों को बताया गया कि छोटे बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करना ही इस मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है, जिससे भविष्य की शिक्षा का आधार मजबूत हो सके।
राज्य पुरस्कृत शिक्षक मनोज मिश्र ने दी योजनाओं की जानकारी
विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक और राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित मनोज कुमार मिश्र ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और अभिभावकों का अभिनंदन किया। उन्होंने शासन की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं जैसे—डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म और किताबों हेतु धनराशि, मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्मार्ट क्लास के संचालन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मनोज मिश्र ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करना भी उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पीएमश्री स्कूल सेमरी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह समर्पित है।
जनभागीदारी और उपस्थिति
इस भव्य शिक्षा चौपाल में सामुदायिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्री कंचन तिवारी, भास्कर तिवारी, हरिशंकर तिवारी, श्यामू तिवारी, निशा देवी सहित विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में महिला अभिभावकों की उपस्थिति ने इस बात को प्रमाणित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब बेटियों और बेटों की शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
निष्कर्ष: समृद्ध समाज के लिए शिक्षा का उजाला
पीएमश्री स्कूल सेमरी में आयोजित यह शिक्षा चौपाल इस संदेश के साथ संपन्न हुई कि जब ग्राम पंचायत, शिक्षक और अभिभावक मिलकर प्रयास करेंगे, तभी ‘निपुण भारत’ का सपना साकार होगा। ऐसे आयोजनों से न केवल सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।














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