असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। गोरखपुर मंडल में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (PMSYM) और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (NPS-Traders) के तहत विशेष पंजीकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य उन लोगों को सामाजिक सुरक्षा (Security) प्रदान करना है, जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई निश्चित आय का स्रोत नहीं है।
क्षेत्रीय उप श्रम आयुक्त शक्ति सेन मोरी के निर्देशन में शुरू हुआ यह अभियान दो चरणों में पूरा किया जाएगा, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ मिल सके।

दो चरणों में चलेगा पंजीकरण अभियान
प्रशासन ने पंजीकरण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए समय-सीमा निर्धारित की है:
- शहरी क्षेत्र: यहाँ पंजीकरण अभियान 15 जनवरी से शुरू हो चुका है जो 15 फरवरी 2026 तक चलेगा।
- ग्रामीण क्षेत्र: गाँव के निवासियों के लिए यह अभियान 16 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा।
कौन होगा पात्र? पात्रता के कड़े मानक
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें रखी हैं, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक सुरक्षा का लाभ पहुँच सके:
1. प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (श्रमिकों के लिए)
- आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष।
- आय: मासिक आय 15 हजार रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
- कार्यक्षेत्र: रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, खेतिहर मजदूर, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता आदि।
- प्रतिबंध: आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए और न ही ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) या एनपीएस (NPS) का सदस्य होना चाहिए।
2. प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (व्यापारियों के लिए)
- आयु सीमा: 18 से 40 वर्ष।
- टर्नओवर: जिनका वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है।
- लाभार्थी: छोटी दुकान के मालिक, खुदरा व्यापारी, वर्कशॉप संचालक, होटल-रेस्टोरेंट मालिक और रियल एस्टेट एजेंट।
अंशदान और पेंशन का गणित: कैसे मिलेगी 3000 रुपये राशि?
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लाभार्थी जितना अंशदान करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी जमा करती है।
- मासिक अंशदान: उम्र के आधार पर लाभार्थी को 55 रुपये से लेकर 200 रुपये तक प्रति माह जमा करने होंगे।
- पेंशन राशि: 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को आजीवन 3000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
- पारिवारिक सुरक्षा: यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान है।
पंजीकरण की प्रक्रिया: कहाँ और कैसे करें आवेदन?
सरकार ने पंजीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बनाया है। इच्छुक पात्र व्यक्ति निम्नलिखित माध्यमों से जुड़ सकते हैं:
- जन सुविधा केंद्र (CSC): नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए पंजीकरण कराया जा सकता है।
- स्वयं पंजीकरण: लाभार्थी आधिकारिक पोर्टल https://maandhan.in पर जाकर स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं।
- आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बचत बैंक खाता (पासबुक), मोबाइल नंबर और नामिनी का विवरण।
निष्कर्ष: सुरक्षित भविष्य की ओर एक कदम
श्रम विभाग की यह पहल समाज के उस वर्ग के लिए वरदान साबित होगी जो दिन-रात मेहनत तो करता है लेकिन वृद्धावस्था की चिंता उन्हें सताती रहती है। क्षेत्रीय उप श्रम आयुक्त कार्यालय (2 पुलिस लाइन्स रोड, गोरखपुर) द्वारा संचालित यह अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि गोरखपुर का हर पात्र श्रमिक और व्यापारी इस सामाजिक सुरक्षा कवच का हिस्सा बने। बुढ़ापे में 3000 रुपये की यह निश्चित राशि न केवल आर्थिक मदद करेगी, बल्कि उनके आत्म-सम्मान को भी बनाए रखेगी।
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