पिपराइच, गोरखपुर: 17 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद प्रदेश भर में ‘मिशन शक्ति’ और अपराधियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद की पिपराइच पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम बसंतपुर में 15 फरवरी, रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई थी। गांव के ही रहने वाले 20 वर्षीय युवक उमेश निषाद, पुत्र जोधन निषाद पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तत्काल स्थानीय थाने में न्याय की गुहार लगाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पिपराइच पुलिस ने बिना विलंब किए उच्चाधिकारियों को सूचित किया और विधिक प्रक्रिया शुरू की।
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (नॉर्थ) ज्ञानेंद्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी चौरी-चौरा मनीष शर्मा की कड़ी निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पिपराइच पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन करते हुए आरोपी की तलाश में दबिश देनी शुरू की। थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर मंगलवार को आरोपी उमेश निषाद को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा
थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ अत्यंत कठोर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी उमेश निषाद के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत कार्रवाई की गई है। पिपराइच पुलिस ने बताया कि बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
न्यायालय ने भेजा जेल
मंगलवार को गिरफ्तारी के उपरांत पिपराइच पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया और उसे आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद न्यायालय में पेश किया। माननीय न्यायालय ने मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में जल्द से जल्द ‘चार्जशीट’ (आरोप पत्र) दाखिल कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी में जुटी है।

क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल: पुलिस की सक्रियता
इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र की जनता ने पिपराइच पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की इस तत्परता से अपराधियों में भय व्याप्त होगा और महिलाओं व बच्चों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी। थानाध्यक्ष ने अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति के पास अपराध से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे; सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
गोरखपुर पुलिस द्वारा इन दिनों ‘बीट पुलिसिंग’ और ‘शक्ति दीदी’ अभियान के माध्यम से गांवों में जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पिपराइच पुलिस की टीम नियमित रूप से स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त कर रही है ताकि असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट कर दिया है कि महिला अपराधों में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिर सकती है, यही कारण है कि अब हर थाने की पुलिस ऐसे मामलों में अत्यंत सक्रिय है।
निष्कर्ष
पिपराइच की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है, वहीं पिपराइच पुलिस द्वारा की गई त्वरित गिरफ्तारी न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास को मजबूत करती है। नाबालिग के साथ हुई इस दरिंदगी के मामले में पुलिस की तत्परता यह दर्शाती है कि कानून के हाथ लंबे हैं और कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। आने वाले समय में पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों में ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ के माध्यम से त्वरित सुनवाई की पैरवी की जाएगी ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।













