बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
बेलघाट, गोरखपुर: 5 मार्च 2026
किसी भी राष्ट्र की प्रगति का पहिया उसके युवाओं के कंधों पर टिका होता है। जब युवा शक्ति समाज सेवा के संकल्प के साथ एकजुट होती है, तो परिवर्तन की एक नई लहर जन्म लेती है। कुछ इसी तरह का दृश्य गुरुवार को बेलघाट स्थित पंडित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज, जैती के प्रांगण में देखने को मिला, जहाँ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सप्त दिवसीय विशेष शिविर का भव्य और उत्साहपूर्ण उद्घाटन किया गया। यह शिविर केवल सात दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के गुणों को सिंचने की एक कार्यशाला है।
मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन: समय प्रबंधन ही सफलता की कुंजी
उद्घाटन सत्र की गरिमा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम सरकार के पूर्व शिक्षा निदेशक श्री दिग्विजय मिश्र उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने युवाओं के मनोबल को ऊँचा किया। श्री मिश्र ने बड़े ही सरल और मानवीय अंदाज में कहा कि विद्यार्थी केवल डिग्री हासिल करने वाले छात्र नहीं हैं, बल्कि वे भावी राष्ट्र के निर्माता हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा, “आज के प्रतिस्पर्धी युग में यदि युवा समय प्रबंधन (Time Management) की कला सीख लें, तो वे न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में सफल होंगे, बल्कि एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में भी अतुलनीय योगदान दे सकेंगे।” उनकी बातों ने उपस्थित स्वयंसेवकों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।

समरस समाज और भेदभाव मुक्त राष्ट्र का विजन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र सिंह एवं डॉ. इकबाल अहमद खान ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान श्री दिनेश शुक्ला ने एक बहुत ही मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र की नींव तभी मजबूत हो सकती है जब हमारा समाज भेदभाव मुक्त और समरस हो। राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा मंच है जहाँ जाति, धर्म और वर्ग की दीवारें ढह जाती हैं और केवल ‘मानवता’ और ‘सेवा’ ही सर्वोपरि रहती है।
सात दिनों का रोडमैप: सेवा से व्यक्तित्व विकास
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय सिंह एवं डॉ. कौशल कुमार पाठक ने शिविर की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने स्वयंसेवकों और स्वयंसेविकाओं को बताया कि आगामी सात दिनों तक वे गांव के बीच रहकर स्वच्छता, साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर कार्य करेंगे। शिविर का मूल मंत्र ‘Not Me, But You’ (स्वयं से पहले आप) के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे समाज की समस्याओं को करीब से समझें और उनके समाधान का हिस्सा बनें।
प्राचार्य का आह्वान: अनुशासन ही आपकी पहचान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में युवाओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा, “युवा ही राष्ट्र के असली नागरिक हैं। अनुशासन के बिना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।” उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस सात दिवसीय शिविर को केवल एक गतिविधि न मानकर जीवन के एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।
छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह
शिविर के पहले दिन स्वयंसेविकाओं और स्वयंसेवकों के चेहरे पर एक अलग ही चमक और उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का सफल संचालन स्वयंसेविका कामिनी शुक्ला ने किया, जिन्होंने अपनी प्रभावी वाणी से पूरे सत्र को जीवंत बनाए रखा। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से समाज सेवा की शपथ ली।

निष्कर्ष: सेवा की नई इबारत
पंडित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज में शुरू हुआ यह राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर आने वाले दिनों में बेलघाट क्षेत्र के आस-पास के गाँवों में जागरूकता की मशाल जलाएगा। यह पहल न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में निखार लाएगी, बल्कि समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी बढ़ाएगी। जब ऐसे युवा कल समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जाएंगे, तो वे अपने साथ सेवा और समरसता के उन बीजों को लेकर जाएंगे जो इस शिविर के दौरान बोए गए हैं।
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