बृजनाथ तिवारी
गोलाबाजार, गोरखपुर: 24 मार्च 2026

किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि वहां की संस्कृति और संस्कारों से होती है। गोरखपुर के गोला तहसील क्षेत्र स्थित बंशीचंद पी.जी. कॉलेज, चिलवा में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन युवाओं को इसी गौरवशाली अतीत का पाठ पढ़ाया गया। शिविर के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जब युवा अपनी संस्कृति पर गर्व करेंगे, तभी वे राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे पाएंगे।
मुख्य अतिथि का संबोधन: “नारायण की धरा है भारत”
शिविर के छठे दिन के बौद्धिक सत्र में बतौर मुख्य अतिथि समाजशास्त्र की वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. श्रीमती ममता शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की महानता का बखान करते हुए कहा कि हमारा अतीत अत्यंत गौरवशाली रहा है।
डॉ. ममता शर्मा ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “भारत वह पवित्र भूमि है जहाँ स्वयं नारायण ने अवतार लेकर उच्च मानवीय मूल्यों और आदर्शों को धरा धाम पर चरितार्थ किया है। यह संस्कारों की जननी है।” उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज के स्वयंसेवक और सेविकाओं को भगवान राम के मर्यादावादी आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। यदि युवा इन संस्कारों के साथ आगे बढ़ेंगे, तभी जीवन के हर लक्ष्य की प्राप्ति संभव होगी।
मेंहदी प्रतियोगिता: रचनात्मकता और परंपरा का संगम
शिविर के छठे दिन केवल बौद्धिक चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए मेंहदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्रांगण में आयोजित इस प्रतियोगिता में स्वयंसेविकाओं ने अपनी हथेलियों पर भारतीय लोक कला और सामाजिक संदेशों को मेंहदी के माध्यम से उकेरा।
छात्राओं ने मेंहदी के डिजाइनों में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसे विषयों को समाहित कर अपनी सूझबूझ का परिचय दिया। इस प्रतियोगिता ने परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना दिया, जिसकी सराहना कॉलेज प्रशासन ने भी की।
जन जागरूकता रैली: समाज को जगाने की पहल
बौद्धिक सत्र के उपरांत महाविद्यालय के एनएसएस प्रतिभागियों द्वारा एक विशाल जन जागरूकता रैली निकाली गई। यह रैली कॉलेज परिसर से शुरू होकर आसपास के ग्रामीण अंचलों में पहुँची। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए स्वयंसेवकों ने नारों के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वच्छता और मतदान के प्रति जागरूक किया।
रैली का नेतृत्व करते हुए युवाओं ने संदेश दिया कि समाज का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति अपनी नागरिक जिम्मेदारियों को समझे। ग्रामीणों ने भी स्वयंसेवकों के इस प्रयास का उत्साहवर्धन किया।
अध्यक्षता और कुशल संचालन
इस गरिमामय कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राणा सत्यप्रकाश सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास का सबसे बड़ा मंच है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. उमेश मिश्रा ने किया, जिन्होंने अपनी प्रभावी वाणी से पूरे सत्र में अनुशासन और उत्साह बनाए रखा।
कृतज्ञता और आभार
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रोहित चंद ने मुख्य अतिथि डॉ. ममता शर्मा का स्वागत किया और शिविर की सफलता में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सात दिवसीय इस यात्रा का छठा दिन अत्यंत सार्थक रहा, जहाँ युवाओं ने अपनी संस्कृति को करीब से जाना।
इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्र सेवा और अपनी गौरवशाली संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया।
भारतीय संस्कृति एवं संस्कार पर आधारित यह सत्र स्वयंसेवकों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। बंशीचंद पी.जी. कॉलेज का यह प्रयास युवाओं को आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सराहनीय कदम है। भगवान राम के आदर्शों और मानवीय मूल्यों का संगम ही एक ऐसे भारत का निर्माण करेगा जो विश्व पटल पर पुनः ‘विश्वगुरु’ के रूप में स्थापित होगा।
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