बृजनाथ तिवारी
गोलाबाजार, गोरखपुर: 25 मार्च 2026

शिक्षा केवल किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि एक उत्सव है। इसी अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र स्थित पीएमश्री स्कूल सेमरी में बुधवार को “नवारम्भ उत्सव” (Navarambh Utsav) का भव्य आयोजन किया गया। शासन द्वारा को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं में विद्यालय स्तरीय उत्सव आयोजित करने के निर्देशों के क्रम में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजे विद्यालय प्रांगण और शिक्षकों के स्नेहपूर्ण व्यवहार ने सत्र 2026-27 के पहले दिन को बच्चों के लिए यादगार बना दिया।
नवारम्भ उत्सव का मुख्य उद्देश्य: खेल-खेल में शिक्षा
इस विशेष आयोजन का प्राथमिक लक्ष्य 3 से 4 वर्ष की आयु वर्ग के उन नन्हे बच्चों को बालवाटिका की अनौपचारिक शिक्षा से जोड़ना था, जो पहली बार घर की दहलीज लांघकर विद्यालय की दुनिया में कदम रख रहे थे। साथ ही, 5 से 6 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को औपचारिक शिक्षा की प्रथम कक्षा में प्रवेश हेतु प्रेरित करना इस उत्सव का मुख्य केंद्र रहा। प्रशासन की मंशा है कि विद्यालय का पहला अनुभव बच्चों के लिए इतना सुखद हो कि उनके मन से स्कूल का डर पूरी तरह समाप्त हो जाए।
मुख्य अतिथि का संबोधन: “शिक्षा ही सबसे बड़ा धन”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सदन तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पीएमश्री स्कूल सेमरी ने अपनी गुणवत्ता और अनुशासन से क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें, क्योंकि एक शिक्षित बच्चा ही उन्नत समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है। सदन तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
आंगनबाड़ी और शिक्षकों का साझा प्रयास
नवारम्भ उत्सव की सफलता में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कंचन तिवारी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया और बच्चों को विद्यालय तक लाने में सेतु का कार्य किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित मनोज कुमार मिश्र द्वारा किया गया। उन्होंने अभिभावकों को बताया कि पीएमश्री योजना के तहत स्कूल में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सेमरी का यह विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सशक्त समन्वय: विद्यालय और समाज का मिलन
उत्सव के दौरान सहायक अध्यापक रामसिंह, गुलाब, अशोक कुमार चौहान एवं प्रिन्स ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर और फूल भेंट कर किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्यों और ग्राम समुदाय के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
- अभिभावक जागरूकता: शिक्षकों ने अभिभावकों को सरकारी योजनाओं, जैसे मुफ्त यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और पुस्तकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
- समुदाय की भागीदारी: स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने विद्यालय और समाज के बीच एक सशक्त समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
बच्चों में दिखा उत्साह: पहली बार स्कूल का अनुभव
नवारम्भ उत्सव के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति एक नया उत्साह देखने को मिला। नए प्रवेश लेने वाले बच्चों को खिलौने और रंगीन चार्ट पेपर दिखाए गए, जिससे वे सहज महसूस कर सकें। अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस अभिनव प्रयास की सराहना की और माना कि इस तरह के कार्यक्रमों से स्कूल के प्रति बच्चों और अभिभावकों का विश्वास सुदृढ़ होता है।
पीएमश्री स्कूल सेमरी में आयोजित “नवारम्भ उत्सव” निश्चित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मार्ग को प्रशस्त करेगा। यह आयोजन सिद्ध करता है कि यदि शिक्षक, अभिभावक और समुदाय मिलकर प्रयास करें, तो परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदली जा सकती है। सेमरी के इन नन्हे-मुन्नों के लिए शुरू हुआ यह सफर कल के ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम है।
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