नई दिल्ली/गोरखपुर: 17 March 2026

भारतीय लोकतंत्र के मंदिर लोकसभा में मंगलवार को गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने रेल बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान पूर्वांचल की जनता की आकांक्षाओं को प्रमुखता से उठाया। सांसद रवि किशन रेल बजट 2026 के संबोधन में उन्होंने न केवल केंद्र सरकार की रेलवे नीतियों का समर्थन किया, बल्कि गोरखपुर जंक्शन को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक प्रस्ताव भी रखे। सांसद ने मांग की कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन के परिसर में शहर की आध्यात्मिक पहचान के प्रतीक महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि यात्रियों को गोरखपुर की सांस्कृतिक विरासत का बोध हो सके।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का तोहफा: दिल्ली और मुंबई के लिए मांग
सांसद रवि किशन ने अपने संबोधन में पूर्वांचल के उन लाखों लोगों की पीड़ा को सदन के सामने रखा जो रोजगार और व्यवसाय के लिए महानगरों की यात्रा करते हैं। उन्होंने रेल मंत्री से दो प्रमुख ट्रेनों की मांग की:
- गोरखपुर-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर: देश की राजधानी से सीधा और तेज संपर्क।
- गोरखपुर-मुंबई वंदे भारत स्लीपर: मुंबई जाने वाले कामगारों और व्यापारियों के लिए आधुनिक और आरामदायक सफर।
- गोरखपुर-गोवा सुपरफास्ट ट्रेन: पूर्वी उत्तर प्रदेश को पश्चिमी भारत के पर्यटन और व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने हेतु एक नई सीधी ट्रेन।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान: शहीद गैलरी और गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा
सांसद रवि किशन रेल बजट 2026 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गोरखपुर स्टेशन के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक संवर्धन से जुड़ा रहा।
- गुरु गोरखनाथ प्रतिमा: सांसद ने प्रस्ताव रखा कि स्टेशन परिसर में नाथ पंथ के प्रणेता महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की आदमकद प्रतिमा लगाई जाए।
- शहीद गैलरी: स्वतंत्रता संग्राम में पूर्वांचल के शहीदों के योगदान को अक्षुण्ण रखने के लिए स्टेशन पर एक विशेष ‘शहीद गैलरी’ के निर्माण की मांग की गई, जिससे युवा पीढ़ी अपने नायकों से परिचित हो सके।
उत्तर प्रदेश के लिए ₹20,012 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन
सांसद ने बजट के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2026–27 के रेल बजट में उत्तर प्रदेश को ₹20,012 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में ₹92,000 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का उत्तर प्रदेश के प्रति विशेष लगाव बताया।
₹498.97 करोड़ से संवर रहा है गोरखपुर जंक्शन
पूर्वांचल की लाइफलाइन कहे जाने वाले गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर प्रकाश डालते हुए सांसद ने कहा:
“लगभग ₹499 करोड़ की लागत से हमारा स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हो रहा है। आधुनिक एयर कोंकोर्स, लिफ्ट, एस्केलेटर और नए फुट ओवर ब्रिज केवल सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि यह पूरे पूर्वांचल के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया द्वार हैं।“
पूर्वांचल और नेपाल के लिए प्रवेश द्वार है गोरखपुर
सांसद ने सदन को अवगत कराया कि गोरखपुर केवल एक स्टेशन नहीं है, बल्कि यह पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय होने के साथ-साथ बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के लिए भी मुख्य प्रवेश द्वार है। यहाँ प्रतिदिन लाखों यात्रियों का आवागमन होता है, इसलिए यहाँ सुविधाओं का विस्तार राष्ट्रीय महत्व का विषय है।













