लखनऊ/गोलाबाजार: 13 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान चिल्लूपार के विकास को लेकर एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। क्षेत्रीय विधायक राजेश त्रिपाठी ने बुधवार को सदन में एक महत्वपूर्ण याचिका (नंबर 99) के माध्यम से चिल्लूपार क्षेत्र के लिए लगभग 32 किलोमीटर लम्बी एक नई वैकल्पिक सड़क के निर्माण की मांग उठाई। इस प्रस्ताव की गंभीरता और आवश्यकता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे विचार और अग्रिम कार्रवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह सड़क न केवल यातायात सुलभ करेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए भी ‘गेम चेंजर’ साबित होगी।

क्यों पड़ी ‘वैकल्पिक सड़क’ की जरूरत?
विधायक राजेश त्रिपाठी ने सदन को बताया कि उनके प्रयासों से बड़हलगंज के पटना घाट से गोला बाजार होते हुए उरुवा बाजार तक जो सड़क वर्तमान में बन रही है, वह अब राम जानकी मार्ग (National Highway) का हिस्सा है। वर्तमान में यह 10 मीटर चौड़ी है, लेकिन अयोध्या-जनकपुर महामार्ग होने के कारण भविष्य में इसका ‘फोरलेन’ (Four Lane) होना तय है।
उन्होंने दूरदर्शिता दिखाते हुए कहा, “जब यह मार्ग फोरलेन हो जाएगा, तब भारी वाहनों और नेशनल हाईवे के ट्रैफिक के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी जाम और ट्रैफिक के भयंकर दबाव से चिल्लूपार की जनता को बचाने के लिए एक समानांतर और वैकल्पिक सड़क का होना अनिवार्य है।”
सड़क का प्रस्तावित रूट: सरयू नहर की पटरी बनेगी मार्ग
प्रस्तावित 5 मीटर चौड़ी यह नई सड़क इंजीनियरिंग और कनेक्टिविटी का एक अनूठा उदाहरण होगी। इसका रूट चार्ट कुछ इस प्रकार है:
- शुरुआत: नेशनल हाईवे (गोरखपुर-वाराणसी मार्ग) पर बड़हलगंज ब्लॉक के चौंतीसा ग्राम से।
- मार्ग: यह सड़क सरयू नहर की उत्तरी पटरी के सहारे आगे बढ़ेगी।
- जुड़ने वाले ब्लॉक: गोला ब्लॉक के अहिरौली, खैरपार, चिट्ठेपार होते हुए यह गगहा ब्लॉक के सेमरी-चौकड़ी को जोड़ेगी।
- अंतिम छोर: वहां से उरुवा ब्लॉक के टडवाश्रीराम, नगवा प्रेम, चकसरया होते हुए बेलघाट ब्लॉक के मोरारपुर से गुजरकर धुरियापार-शाहपुर मार्ग पर समाप्त होगी।
250 गांवों की बदलेगी तस्वीर
विधायक राजेश त्रिपाठी के अनुसार, इस 32 किमी लम्बी वैकल्पिक सड़क के निर्माण से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक समीकरण बदल जाएंगे:
- प्रत्यक्ष लाभ: लगभग 120 गांव सीधे इस सड़क से जुड़ेंगे।
- अप्रत्यक्ष लाभ: लगभग 150 गांवों को इस मार्ग के जरिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- कुल लाभार्थी: चिल्लूपार के 250 से अधिक गांवों के लाखों निवासियों का आवागमन सुलभ हो जाएगा।
रोजगार और विकास के नए अवसर
यह सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं होगी, बल्कि आर्थिक समृद्धि का माध्यम भी बनेगी। विधायक ने बताया कि इस लम्बी सड़क के किनारे भविष्य में छोटे बाजार विकसित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, कृषि उत्पादों को मंडी तक पहुँचाना आसान होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। पीडब्ल्यूडी गोरखपुर खंड ने पहले ही इसका विस्तृत स्टीमेट (Estimate) तैयार कर शासन को भेज दिया है।
विधानसभा में गूंजी जनता की आवाज
बजट सत्र के दौरान विधायक राजेश त्रिपाठी द्वारा दी गई यह याचिका संख्या 99 अब सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इसे स्वीकार किए जाने का अर्थ है कि अब संबंधित विभाग (PWD) को इस पर अपनी रिपोर्ट और कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी। यह चिल्लूपार की जनता की एक बड़ी जीत मानी जा रही है।
निष्कर्ष
विधायक राजेश त्रिपाठी की यह पहल दर्शाती है कि विकास केवल वर्तमान की समस्याओं को सुलझाने का नाम नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का पहले से आकलन करना भी है। यदि यह 32 किमी लम्बी वैकल्पिक सड़क धरातल पर उतरती है, तो चिल्लूपार क्षेत्र के बड़हलगंज, गोला, उरुवा, बेलघाट और गगहा ब्लॉक के सैकड़ों गांवों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगी।
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