बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
लखनऊ/गोरखपुर: 09 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खेल, पत्रकारिता और उत्साह का महासंगम मीडिया ओलंपिक-3 अपने सुनहरे सफर के बाद भव्यता के साथ संपन्न हो गया। इस आयोजन ने न केवल पत्रकारों की खेल प्रतिभा को निखारा, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के बीच एकजुटता और स्वस्थ जीवन शैली का संदेश भी दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के यशस्वी उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को दोगुना कर दिया।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का प्रेरक संबोधन
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि पत्रकारिता एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जहाँ चौबीसों घंटे तनावपूर्ण वातावरण में काम करना पड़ता है। ऐसे में मीडिया ओलंपिक जैसे आयोजन पत्रकारों के लिए ‘स्ट्रेस बस्टर’ का काम करते हैं। उन्होंने आगे कहा, “मीडिया समाज का सबसे सशक्त स्तंभ है। जब पत्रकार खेल के मैदान में उतरता है, तो वह न केवल अपनी शारीरिक क्षमता का परिचय देता है, बल्कि टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा को भी आत्मसात करता है।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों की खेल भावना की जमकर सराहना की।
एडवोकेट रत्नाकर सिंह का गौरवशाली सम्मान
इस भव्य समारोह का सबसे खास पल वह था, जब गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष और सिविल कोर्ट गोरखपुर के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट रत्नाकर सिंह को मंच पर आमंत्रित किया गया। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
यह सम्मान रत्नाकर सिंह को पत्रकार हितों के लिए उनके निरंतर संघर्ष, संगठनात्मक सक्रियता और न्यायपालिका व पत्रकारिता के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने के लिए दिया गया। जैसे ही उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गोरखपुर के पत्रकारिता जगत के लिए यह एक अत्यंत गौरवशाली क्षण रहा।
पत्रकारों के बीच भाईचारे का मंच
सम्मान प्राप्त करने के बाद एडवोकेट रत्नाकर सिंह ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि गोरखपुर के उन समस्त पत्रकार साथियों का है जो हर विपरीत परिस्थिति में सत्य के साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने कहा, “मीडिया ओलंपिक जैसे आयोजन हमें हमारे दैनिक भागदौड़ भरे जीवन से निकालकर एक ऐसा मंच प्रदान करते हैं, जहाँ हम एक-दूसरे के करीब आते हैं और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।
रत्नाकर सिंह ने विजेताओं को किया पुरस्कृत
कार्यक्रम में एक विशिष्ट गौरवपूर्ण क्षण तब आया जब आयोजकों ने गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह को अन्य प्रतिभागियों और विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए पत्रकारों को मेडल और प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस बात पर जोर दिया कि जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल में हिस्सा लेना है।
समापन समारोह की मुख्य विशेषताएं
- प्रदेशव्यापी भागीदारी: इस मीडिया ओलंपिक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों पत्रकारों ने क्रिकेट, एथलेटिक्स, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई।
- सांस्कृतिक एकता: कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्तर प्रदेश की विविधतापूर्ण संस्कृति की झलक पेश की।
- भविष्य की योजना: आयोजकों और विशिष्ट अतिथियों ने सर्वसम्मति से इस आयोजन को प्रतिवर्ष और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया।
गोरखपुर के पत्रकार समुदाय में हर्ष की लहर
रत्नाकर सिंह को राजधानी में मिले इस सम्मान से गोरखपुर के मीडिया कर्मियों और अधिवक्ताओं में खुशी का माहौल है। गोरखपुर के वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि रत्नाकर सिंह ने न केवल एसोसिएशन को मजबूती दी है, बल्कि राज्य स्तर पर गोरखपुर का मान भी बढ़ाया है।
निष्कर्ष
लखनऊ में संपन्न हुआ मीडिया ओलंपिक-3 केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह पत्रकारों की मानसिक और शारीरिक मजबूती का उत्सव था। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की उपस्थिति और रत्नाकर सिंह जैसे समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान यह दर्शाता है कि समाज में पत्रकारिता के योगदान को कितनी गंभीरता से लिया जाता है। यह आयोजन निश्चित रूप से पत्रकारों को नए उत्साह के साथ अपने कार्य क्षेत्र में लौटने के लिए प्रेरित करेगा।
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