बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 8 March 2026
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि आधी आबादी के संघर्ष, साहस और उनकी उपलब्धियों के उत्सव का दिन है। इसी उपलक्ष्य में शनिवार को गोला के एम.जी. इंटर कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था ‘आधारशिला’ द्वारा मातृ शक्ति सम्मान 2026 (स्व. उमा रानी बनर्जी स्मृति) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष श्रीमती चारु चौधरी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक महिला की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रेरणा है।
दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि चारु चौधरी और विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत संस्था की प्रेरणा स्रोत स्व. उमा रानी बनर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।
समारोह की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय सुर साधिका हृदया त्रिपाठी ने सुमधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद तबला वादक जय डे की थाप और डॉ. सरिता सिंह की स्वरचित काव्य रचनाओं ने कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया। मातृ शक्ति सम्मान 2026 के इस मंच से कला और साहित्य के माध्यम से नारी शक्ति की महिमा का बखान किया गया।
विशिष्ट विभूतियों का सम्मान: प्रेरणा बनीं तीन महिलाएं
इस वर्ष का ‘स्व. उमा रानी स्मृति मातृ शक्ति सम्मान’ उन महिलाओं को दिया गया जिन्होंने तमाम चुनौतियों के बावजूद समाज में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्य अतिथि और संस्था के पदाधिकारियों ने निम्नलिखित तीन महिलाओं को सम्मानित किया:
- श्रीमती रीना जायसवाल
- श्रीमती अर्जुमन बानो
- सुश्री प्रिया कुमारी
इन तीनों ही महिलाओं को पटका ओढ़ाकर और सम्मान पत्र प्रदान कर मातृ शक्ति सम्मान 2026 से नवाजा गया। विशेष आकर्षण के रूप में प्रसिद्ध चित्र शिल्पी विष्णु देव शर्मा द्वारा बनाई गई चित्र कलाकृतियां भी भेंट की गईं।

मुख्य अतिथि का संबोधन: चारु चौधरी के विचार
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “महिलाओं की सफलता दूसरी महिलाओं और पूरे समाज के लिए प्रेरणादाई है। जब एक महिला शिक्षित और सफल होती है, तो वह केवल एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र को दिशा देती है।” उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला कल्याण योजनाओं और आयोग की सक्रियता पर भी प्रकाश डाला।
प्रबुद्ध जनों ने व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रबंधक और समाजसेवी मंकेश्वर नाथ पाण्डेय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृ शक्ति सदैव पूजित रही है। महिलाएं शक्ति और साहस का प्रतीक हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि आज नारी शक्ति हर मोर्चे पर उन्नत है।
संस्था ‘आधारशिला’ के अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, “बड़ा सोचो, बड़ा करो; क्योंकि हर बड़ी सफलता एक अच्छे विचार से शुरू होती है। आज का दिन महिलाओं के योगदान को नमन करने का है।” वहीं, संस्था के संरक्षक प्रोफेसर डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि राष्ट्र के समग्र विकास के लिए महिलाओं का जागरूक और शिक्षित होना अनिवार्य शर्त है।
सपनों को उड़ान देने का दिन
संस्था के सचिव दीपक चक्रवर्ती ‘निशांत’ ने कहा कि यह सम्मान समारोह महिलाओं को जीवन में आगे बढ़ने का सपना देखने के लिए प्रोत्साहित करने का एक माध्यम है। समाजसेविका श्रीमती चैताली बनर्जी ने प्रेरणा देते हुए कहा कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती, बस उन्हें पूरा करने के लिए अटूट हौसला चाहिए। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ कवयित्री डॉ. चेतना पाण्डेय ने अपनी ओजस्वी शैली में किया, जिससे पूरा माहौल ऊर्जावान बना रहा।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
मातृ शक्ति सम्मान 2026 के इस भव्य अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. रेखा रानी शर्मा, ज्योतिर्विद प्रभात त्रिपाठी, विरेन्द्र कुमार पाल, अरविंद सिंह, डी.पी. मौर्या, श्रीमती प्रतिमा चक्रवर्ती, श्रीमती सारिका राय, अनिता रानी, रामानन्द वर्मा, सुभाष चंद्रा, सत्य शरण दास, श्रीमती एलिसा डे, कवयित्री प्रेम लता रसविन्दु, डॉ. शोभित श्रीवास्तव, विनय कुमार शर्मा, रंजना सिंह, संगीता त्रिपाठी और आशीष रुंगटा प्रमुख थे।












