बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 14 फरवरी 2026
विकास और सुरक्षा के दावों के बीच गोरखपुर के गोला तहसील क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विद्युत विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है। गोला (ग्रामीण क्षेत्र) विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत ग्राम मेहदराव में मुख्य सड़क किनारे स्थित एक सीमेंट का बिजली का पोल पिछले आठ महीनों से मौत का पैगाम दे रहा है। सड़क की ओर खतरनाक तरीके से झुका यह पोल न केवल ग्रामीणों बल्कि इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों के लिए हर पल जान का जोखिम बना हुआ है।

जुलाई से लटका है ‘मौत का फंदा’
ग्रामीणों के अनुसार, बीते वर्ष जुलाई माह में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान ग्राम मेहदराव के पश्चिम, भरोह-हाटा बाजार जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क के किनारे लगा यह सीमेंट का पोल अचानक टेढ़ा हो गया था। यह केवल एक सामान्य पोल नहीं है, बल्कि इस पर 11 हजार वोल्ट (11KV) की हाईटेंशन लाइन दौड़ रही है, जो गांव के मुख्य ट्रांसफार्मर तक जाती है। आठ महीने बीत जाने के बाद भी यह पोल आज भी उसी स्थिति में है, जिससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: शिकायत के बाद भी नतीजा शून्य
मेहदराव के पूर्व प्रधान दिवाकर दुबे और अन्य ग्रामीणों ने विभाग पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। ग्रामीण प्रदीप दुबे, अनुराग दुबे, बैजनाथ दुबे और रबिंद्र नाथ दुबे ने बताया कि इस समस्या को लेकर उन्होंने विद्युत उपकेंद्र गोला के अवर अभियंता (जेई) सत्येंद्र कुमार से कई बार व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से शिकायत की। हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर पोल को सीधा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।
व्यस्ततम सड़क पर ‘हाई-वोल्टेज’ खतरा
यह मार्ग बेहद व्यस्ततम माना जाता है। भरोह और गोला से हाटा बाजार जाने वाले लोग इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। आधी रात तक इस सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही लगी रहती है।
- अंधेरे में खतरा: रात के समय दृश्यता कम होने के कारण कोई भी बड़ा वाहन इस झुके हुए पोल या उससे लटकते तारों की चपेट में आ सकता है।
- बारिश और आंधी: आने वाले समय में आंधी-तूफान का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसी स्थिति में कमजोर पड़ चुका यह पोल कभी भी सड़क पर गिर सकता है, जिससे जनहानि तय है।
जेई का आश्वासन: सोमवार पर टिकी नजरें
जब इस गंभीर प्रकरण के संबंध में विद्युत विभाग के अवर अभियंता (जेई) सत्येंद्र कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा, “यदि वह खंभा सड़क के आसपास खतरनाक स्थिति में है, तो आगामी सोमवार को टीम भेजकर उसे सीधा करवा दिया जाएगा।” हालांकि, ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि आठ महीनों से उन्हें केवल तारीखें ही मिल रही हैं।
जनता की मांग: तुरंत हो कार्रवाई
ग्राम प्रधान और अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक इस बिजली का पोल को ठीक नहीं किया गया, तो वे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे। बिजली विभाग को यह समझना होगा कि एक छोटे से खंभे को सीधा करने में होने वाली देरी किसी मासूम की जान ले सकती है।
निष्कर्ष
मेहदराव की यह समस्या विद्युत विभाग के ‘मेंटेनेंस’ दावों की पोल खोलती है। हाईटेंशन लाइन का पोल आठ माह तक झुका रहना विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। क्या विभाग किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है? प्रशासन को चाहिए कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले इस पोल को दुरुस्त कराए ताकि राहगीर बिना किसी डर के इस मार्ग से गुजर सकें।
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