बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 1 मार्च 2026
फाल्गुन की बयार और आपसी सौहार्द के रंगों के बीच, रविवार को गोलाबाजार स्थित प्रताप सभागार में क्षत्रिय समाज का एक भव्य और गौरवशाली होली मिलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह ने न केवल परंपराओं का निर्वहन किया, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों की सेवा और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान की एक नई मिसाल भी पेश की। कार्यक्रम के दौरान अबीर-गुलाल की मिठास के साथ-साथ समाज को नई दिशा देने वाले गंभीर विषयों पर सार्थक मंथन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन
इस गरिमामयी होली मिलन कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने की। कार्यक्रम का कुशल और ओजस्वी संचालन डॉ. दिनेश सिंह ‘सारथी’ द्वारा किया गया। समारोह का शुभारंभ महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सभागार में मौजूद सैकड़ों क्षत्रिय बंधुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

चिकित्सा सहायता और सामाजिक सरोकार
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. शिव शंकर शाही एवं योगेंद्र सिंह ने होली के आध्यात्मिक महत्व के साथ-साथ इसके सामाजिक पक्ष पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि समाज की असली शक्ति उसके एकजुट होने और अपने कमजोर भाइयों की मदद करने में है। वक्ताओं ने संकल्प लिया कि क्षत्रिय समाज के जो व्यक्ति आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उन्हें गंभीर बीमारियों की स्थिति में उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए एक व्यवस्थित रूपरेखा तैयार करने पर भी सहमति बनी।
वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान: विशिष्ट अतिथि डॉ. रामावतार चंद ने समाज की परंपराओं को जीवित रखने के लिए बुजुर्गों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व में आयोजित किए गए वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह को निरंतर जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “बड़ों का आशीर्वाद ही हमारे समाज की वास्तविक पूँजी है।”
भक्ति और विश्वास का महापर्व: पौराणिक व्याख्या
इंद्रजीत सिंह चंदेल ने होली के ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भों को साझा करते हुए बताया कि यह पर्व भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति और भगवान के प्रति विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास के कारण भगवान को नृसिंह अवतार लेना पड़ा था। यह पर्व हमें संदेश देता है कि अंततः सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर ही विजय होती है।
वहीं, नरसिंह प्रसाद सिंह ने भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की होली का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रज की होली ने समाज को प्रेम, समरसता और समर्पण की एक नई दिशा दी है, जिसे वर्तमान पीढ़ी को भी आत्मसात करना चाहिए।
दिग्गजों की उपस्थिति और एकजुटता का संदेश
इस होली मिलन समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष राम मोहन शाही, युपीएन सिंह, विजय बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, राजेश्वर सिंह, अभय चंदेल, सीबी सिंह, व्यास बंधू सिंह, संदीप बिसेन, राम नारायण सिंह, मानवेन्दर सिंह, राजकुमार सिंह, इंद्रजीत सिंह श्रीनेत, इंद्रजीत सिंह कौशिक (एडवोकेट) और अशोक सिंह सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में समाज के उत्थान, युवाओं को सही दिशा देने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया।
प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट की पहल
प्रताप सभागार फाउंडेशन ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि ट्रस्ट केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी क्षत्रिय समाज के मेधावी युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य करेगा। होली मिलन के इस मंच से सामाजिक समरसता और भाईचारे की जो गूँज उठी, उसने पूरे गोला क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित किया है।
निष्कर्ष
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित यह होली मिलन कार्यक्रम केवल रंगों के खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज की सेवा और विकास का एक नया एजेंडा सेट कर गया। चिकित्सा सहायता और वरिष्ठों के सम्मान जैसे निर्णय यह दर्शाते हैं कि क्षत्रिय समाज अपनी परंपराओं के गौरव के साथ-साथ आधुनिक सामाजिक चुनौतियों के प्रति भी पूरी तरह सजग है।













