बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 15 फरवरी 2026
शादी-ब्याह के आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग की कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रही है। गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक वैवाहिक समारोह के दौरान चली गोली ने गोला के एक गरीब परिवार के सपनों को हमेशा के लिए दफन कर दिया। रविवार की देर रात जब 15 वर्षीय नाबालिग महताब उर्फ छोटू का शव पोस्टमार्टम के बाद नगर पंचायत गोला के वार्ड नंबर 7, कालीचौरा स्थित उसके घर पहुँचा, तो पूरे मोहल्ले की आँखें नम हो गईं। घर के आंगन में बिछी लाश को देखकर उसकी विकलांग नानी और बेबस माँ का विलाप पत्थर दिल को भी पिघला देने वाला था।
पुणे से मौत बुला लाई थी वापस
मृतक महताब उर्फ छोटू के जीवन की कहानी जितनी संघर्षपूर्ण थी, उसका अंत उतना ही दुखद रहा। छोटू अपने नाना इस्लाम के साथ गोला में ही रहता था। नाना इस्लाम ने बताया कि वर्ष 2009 में उनकी बेटी को जुड़वा बेटे हुए थे, जिनमें से एक नाती (छोटू) को उन्होंने गोद लेकर बेटे की तरह पाला-पोसा था।
परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए छोटू महज 15 दिन पहले ही महाराष्ट्र के पुणे शहर में नौकरी के लिए गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्लू ब्रास बैंड के संचालक ने उसे बार-बार फोन कर लगन के सीजन में डीजे चलाने के लिए वापस बुलाया। परिजनों के मना करने के बावजूद संचालक ने उसे 1300 रुपये किराया भेजा, जिसके लालच और दबाव में छोटू पुणे से वापस गोला लौट आया। उसे क्या पता था कि जिस काम के लिए उसे बुलाया जा रहा है, वही उसकी मौत का कारण बनेगा।
डीजे की धुन और फिर चली गोली
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार (14 फरवरी) की रात गगहा थाना क्षेत्र के ग्राम पांडेपार (कौड़ीराम) में एक बारात आई थी। गुरु कृपा मैरेज हॉल के पास डीजे की धुन पर बाराती नाच रहे थे और उत्सव का माहौल था। इसी बीच कौड़ीराम निवासी पंकज उर्फ आदर्श गुप्ता ने अपनी पिस्टल निकाली और हवा में फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान चली एक गोली सीधे डीजे चला रहे छोटू के सिर में जा लगी।
गोली लगते ही छोटू लहूलुहान होकर गिर पड़ा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे। घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार रात करीब 11 बजे जब बैंड संचालक के भाई ने घर पहुँचकर छोटू की मौत की खबर दी, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

नाबालिग था छोटू: आधार कार्ड ने खोला राज
परिजनों ने पुलिस को बताया कि आधार कार्ड के रिकॉर्ड के अनुसार छोटू अभी नाबालिग था। गरीबी के कारण वह छोटी उम्र में ही काम करने लगा था। वह गोला और आसपास के क्षेत्रों में एक कुशल डीजे ऑपरेटर के रूप में पहचाना जाता था। इस घटना ने बाल श्रम और खतरनाक कार्यों में नाबालिगों के नियोजन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिसिया कार्रवाई: हत्या का मुकदमा दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मृतक के नाना इस्लाम की तहरीर पर गगहा पुलिस ने आरोपी पंकज उर्फ आदर्श गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
एसएसपी गोरखपुर के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास मौजूद पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध। यदि वह लाइसेंसी शस्त्र था, तो उसे तत्काल निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हर्ष फायरिंग: एक जानलेवा परंपरा
यह घटना एक बार फिर समाज और प्रशासन के लिए चेतावनी है। हर्ष फायरिंग पर माननीय न्यायालय और शासन की ओर से सख्त प्रतिबंध के बावजूद, लोग शान दिखाने के चक्कर में दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं।
- लापरवाही: शादी समारोहों में शराब के नशे में हथियारों का प्रदर्शन मौत का कारण बनता है।
- प्रशासनिक ढिलाई: मैरेज हॉल संचालकों और आयोजकों की जिम्मेदारी तय न होना ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देता है।
- बैंड संचालकों की भूमिका: नाबालिगों को खतरनाक माहौल में काम के लिए बुलाना भी इस हादसे की एक कड़ी है।
शोक में डूबा गोला का कालीचौरा मोहल्ला
रविवार देर रात जब एंबुलेंस से छोटू का शव घर पहुँचा, तो माहौल गमगीन हो गया। पड़ोसियों का कहना है कि छोटू बहुत ही सीधा और मेहनती लड़का था। उसकी विकलांग नानी उसे ही अपना सहारा मानती थी। अब उस परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले के लोगों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिलाने की मांग की है।
निष्कर्ष
महताब उर्फ छोटू की मौत महज़ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है। हर्ष फायरिंग की ये गोलियां जब तक किसी गरीब के घर का चिराग बुझाती रहेंगी, तब तक उत्सवों का आनंद अधूरा रहेगा। कानून को ऐसे अपराधियों के खिलाफ नजीर पेश करनी होगी ताकि भविष्य में कोई और ‘आदर्श’ किसी ‘छोटू’ की जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।
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