गोरखपुर: 9 March 2026
महानगर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले होमगार्ड्स ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता और सतर्कता को साबित किया है। गोरखपुर में तैनात होमगार्ड विजय प्रताप सिंह की सूझबूझ और तत्परता के चलते एक संभावित अपहरण (किडनैपिंग) की सनसनीखेज वारदात समय रहते टल गई। अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब होते, उससे पहले ही विजय प्रताप सिंह की पारखी नजरों ने उनके संदिग्ध आचरण को ताड़ लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गोरखपुर ने उन्हें ₹10,000 का नकद पुरस्कार और होमगार्ड जांबाजी सम्मान प्रदान करते हुए उनकी पीठ थपथपाई है।
घटना का विवरण: संदिग्ध ऑटो और होमगार्ड की मुस्तैदी
यह घटना उस समय की है जब होमगार्ड विजय प्रताप सिंह अपनी निर्धारित ड्यूटी पॉइंट पर मुस्तैदी से तैनात थे। इसी दौरान उनकी नजर एक ऑटो-रिक्शा पर पड़ी, जिसमें सवार कुछ व्यक्तियों की गतिविधियां असामान्य लग रही थीं। विजय प्रताप सिंह ने महसूस किया कि ऑटो में सवार युवक किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं या शायद किसी को जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिना समय गंवाए, होमगार्ड ने साहस का परिचय देते हुए ऑटो को रोकने का इशारा किया। वर्दीधारी को अपनी ओर आते देख ऑटो में सवार दो युवक घबरा गए और चलती गाड़ी से कूदकर गलियों के रास्ते फरार हो गए। उनकी यह घबराहट इस बात की पुष्टि थी कि वे किसी न किसी अपराध में संलिप्त थे।
त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
फरार हुए युवकों का पीछा करने के साथ-साथ विजय प्रताप सिंह ने तत्काल रेडियो और मोबाइल के माध्यम से पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस होमगार्ड जांबाजी सम्मान के हकदार कार्य की सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस सक्रिय हो गई और तत्काल नाकाबंदी कर दी गई। पुलिस ने सबसे पहले ऑटो चालक को हिरासत में लिया और वाहन को कब्जे में ले लिया।
इसके बाद, पुलिस ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला गया, जिससे फरार हुए दोनों अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित हो सकी। कुछ ही घंटों की मशक्कत के बाद, पुलिस ने दबिश देकर उन दोनों अभियुक्तों को भी धर दबोचा। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये युवक एक व्यक्ति के अपहरण की योजना बना चुके थे, जिसे होमगार्ड की सतर्कता ने विफल कर दिया।
एसएसपी गोरखपुर ने बढ़ाया उत्साह: ₹10,000 का पुरस्कार
होमगार्ड विजय प्रताप सिंह के इस साहसिक कार्य की गूंज पुलिस मुख्यालय तक पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर ने विजय प्रताप सिंह को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। एसएसपी ने उन्हें ₹10,000 का नकद पुरस्कार प्रदान किया और इसे होमगार्ड जांबाजी सम्मान के रूप में रेखांकित किया।

एसएसपी ने संबोधित करते हुए कहा:
“सुरक्षा केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि विजय प्रताप सिंह जैसे सतर्क जवानों की सजगता से सुनिश्चित होती है। एक होमगार्ड द्वारा इतनी गहराई से संदिग्धों का विश्लेषण करना और फिर त्वरित कार्रवाई करना वाकई काबिले तारीफ है। यह कार्य अन्य पुलिसकर्मियों और होमगार्ड्स के लिए एक मिसाल है।“
प्रेरणा बना विजय प्रताप सिंह का कार्य
अक्सर पुलिस महकमे में होमगार्ड्स को सहायक बल के रूप में देखा जाता है, लेकिन विजय प्रताप सिंह ने यह साबित कर दिया कि वर्दी चाहे जो भी हो, यदि कर्तव्य के प्रति ईमानदारी हो तो बड़े से बड़े अपराध को रोका जा सकता है। होमगार्ड जांबाजी सम्मान प्राप्त करने के बाद विजय प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी निभाई है और वे भविष्य में भी इसी तरह समाज की सेवा करते रहेंगे।
राजस्व और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। उनका मानना है कि इस तरह के सम्मान से जमीन पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ता है, जिससे वे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
अपराध मुक्त गोरखपुर की दिशा में एक कदम
गोरखपुर पुलिस इन दिनों अपराधों की रोकथाम के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। शहर भर में लगे स्मार्ट सिटी कैमरों और चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी को और सशक्त किया गया है। होमगार्ड जांबाजी सम्मान की यह घटना दर्शाती है कि मानवीय हस्तक्षेप (Human Intelligence) आज भी तकनीक के साथ मिलकर अपराध नियंत्रण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह हर चौराहे पर तैनात जवान सतर्क रहें, तो अपराधियों के हौसले पस्त हो जाएंगे और गोरखपुर एक सुरक्षित शहर के रूप में उभरेगा।













