गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने अपनी नई कार्यसमिति का चयन कर लिया है। उत्तर प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ की जनपद शाखा गोरखपुर के बहुप्रतीक्षित चुनाव रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। चुनाव के तुरंत बाद घोषित किए गए राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम ने संगठन में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। सदर तहसील सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनकी विजय का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपकर उन्हें नई जिम्मेदारियों की बधाई दी।

चुनावी प्रक्रिया: पारदर्शिता और उत्साह का संगम
राजस्व निरीक्षक संघ का यह चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता की मिसाल बना। निर्वाचन अधिकारी की कड़ी देखरेख में सुबह से ही मतदान और गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। जनपद भर से आए राजस्व निरीक्षकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर संगठन के भविष्य का फैसला किया। जैसे ही राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम की घोषणा हुई, तहसील परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समर्थकों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को माला पहनाकर और मिठाइयां बांटकर जीत का जश्न मनाया।
विजेताओं की सूची: किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी अधिकृत सूची के अनुसार, विभिन्न पदों पर विजयी हुए पदाधिकारियों के नाम निम्नलिखित हैं:
| पद का नाम | निर्वाचित पदाधिकारी |
| अध्यक्ष | लालजी पाठक |
| मंत्री | हरिप्रकाश श्रीवास्तव |
| वरिष्ठ उपाध्यक्ष | राजेश प्रसाद |
| कनिष्ठ उपाध्यक्ष | सतीश चन्द्र त्रिपाठी |
| कोषाध्यक्ष | राम प्रसाद |
| संगठन मंत्री | लालचन्द |
| उप मंत्री | भगवान प्रसाद |
| ऑडिटर | संतोष कुमार गुप्ता |
राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम में लालजी पाठक की अध्यक्ष पद पर जीत को संगठन के भीतर उनकी पकड़ और लोकप्रियता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, हरिप्रकाश श्रीवास्तव को मंत्री की जिम्मेदारी मिलना संगठन के प्रशासनिक कार्यों में गति लाने वाला माना जा रहा है।
एसडीएम सदर दीपक गुप्ता का संबोधन: संगठन और प्रशासन का तालमेल
प्रमाण पत्र वितरण समारोह के मुख्य अतिथि एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने नवनिर्वाचित टीम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्व विभाग सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने का सबसे प्रमुख माध्यम है। उन्होंने राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम के बाद बनी नई टीम से अपेक्षा की कि वे कर्मचारियों की समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों के बीच एक सेतु (Bridge) के रूप में कार्य करेंगे।

एसडीएम ने कहा:
“संगठन की असली ताकत उसके सदस्यों के विश्वास में होती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि लालजी पाठक और उनकी टीम संगठन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए राजस्व विभाग के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी। प्रशासन हमेशा जायज मांगों और सुधारों के लिए सहयोग को तैयार है।“
नवनिर्वाचित अध्यक्ष का संकल्प: कर्मचारियों का हित सर्वोपरि
अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद लालजी पाठक ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं, बल्कि हर उस राजस्व निरीक्षक की है जो ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम के बाद सफल निर्वाचन प्रक्रिया के लिए जिला प्रशासन और चुनाव अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
पाठक ने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता राजस्व निरीक्षकों की कार्यस्थल पर आने वाली समस्याओं, पदोन्नति के मुद्दों और उनके मान-सम्मान की रक्षा करना होगा। उन्होंने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
संगठन की भूमिका: राजस्व विभाग का महत्व
Revenue Department in Uttar Pradesh में राजस्व निरीक्षक एक महत्वपूर्ण पद है, जो सीधे तौर पर जमीन की पैमाइश, कानून-व्यवस्था और सरकारी अभिलेखों के रख-रखाव से जुड़ा होता है। ऐसे में एक मजबूत संगठन का होना अनिवार्य है जो इन कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सुरक्षा के लिए आवाज उठा सके। राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम के माध्यम से चुनी गई यह टीम आने वाले दो वर्षों तक विभाग की नीतियों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए कार्य करेगी।
सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ उत्सव
चुनाव के दौरान जहां प्रतिस्पर्धा देखी गई, वहीं परिणाम आने के बाद सभी गुटों ने मिलकर नई टीम का स्वागत किया। तहसील सभागार में उत्साह का ऐसा माहौल था कि पुराने और नए सदस्य एक साथ मिलकर संगठन की मजबूती की कसमें खाते नजर आए। अंत में मंत्री निर्वाचित हुए हरिप्रकाश श्रीवास्तव ने सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रशासन की सराहना की।
निष्कर्ष: नई टीम से बड़ी उम्मीदें
गोरखपुर के राजस्व निरीक्षक चुनाव परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारी अब अनुभवी और सक्रिय नेतृत्व के पक्ष में हैं। लालजी पाठक की अध्यक्षता वाली यह नई समिति आने वाले समय में जिले की राजस्व व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होगी। प्रशासन और संगठन के बीच यह बेहतर समन्वय निश्चित रूप से जिले की प्रगति का आधार बनेगा।













