गोरखपुर/महराजगंज: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और महराजगंज जनपद की सीमा पर देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। कर्तव्य पालन की वेदी पर अपनी जान न्यौछावर करने वाले जांबाज पुलिसकर्मियों के साथ यह हादसा उस समय हुआ जब वे एक मामले में दबिश देकर वापस लौट रहे थे। इस भीषण सड़क दुर्घटना में गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें एक उपनिरीक्षक (दारोगा) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे का घटनाक्रम: आधी रात को मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर पुलिस की एक विशेष टीम किसी आपराधिक मामले के सिलसिले में महराजगंज जनपद के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देने गई थी। दबिश की कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम देर रात सरकारी वाहन (स्कॉर्पियो) से वापस गोरखपुर लौट रही थी। जैसे ही वाहन महराजगंज के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पहुँचा, अचानक अनियंत्रित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पहले सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशालकाय पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और इंजन के पुर्जे टूटकर बिखर गए। रात के सन्नाटे में हुई इस जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े।

दारोगा संतोष कुमार की मौत, पांच जांबाज घायल
इस दर्दनाक हादसे में अगली सीट पर बैठे दारोगा संतोष कुमार को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। संतोष कुमार अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए विभाग में जाने जाते थे और उनकी असामयिक मृत्यु से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
वाहन में सवार अन्य पुलिसकर्मियों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। घायलों में शामिल हैं:
- रमेश चंद्र कुशवाहा (एसएसआई – वरिष्ठ उपनिरीक्षक)
- गीता (महिला दारोगा)
- इसके अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मी और चालक।
हादसे की सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थाना पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए गोरखपुर स्थित BRD Medical College भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल में जुटे आलाधिकारी: विभाग में शोक
जैसे ही यह खबर गोरखपुर मुख्यालय पहुंची, पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और अन्य उच्चाधिकारियों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। चिकित्सकों के अनुसार, महिला दारोगा गीता और एसएसआई रमेश चंद्र कुशवाहा की हालत पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
ड्यूटी के दौरान हुए इस हादसे ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के जोखिम भरे जीवन को उजागर कर दिया है। गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा में दुर्घटनाग्रस्त होने की यह खबर सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल गई, जिसके बाद लोग दिवंगत दारोगा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
हादसे के कारणों की जांच: थकान या तकनीकी खराबी?
श्यामदेउरवा पुलिस और फॉरेंसिक टीम दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने में जुट गई है। प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि देर रात होने के कारण चालक को झपकी आ गई होगी या फिर अचानक कोई जानवर सामने आने से वाहन अनियंत्रित हो गया होगा। हालांकि, पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या वाहन में कोई तकनीकी खराबी जैसे टायर फटना या स्टियरिंग लॉक होना तो नहीं था।
महराजगंज-गोरखपुर मार्ग पर रात के समय होने वाली यह दुर्घटना यातायात सुरक्षा के मानकों पर भी सवाल उठाती है। गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब पुलिस अन्य वाहनों की आवाजाही और चालकों की सतर्कता को लेकर भी एडवाइजरी जारी कर सकती है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक दारोगा संतोष कुमार के परिजनों को जैसे ही इस अनहोनी की सूचना मिली, उनके घर में कोहराम मच गया। संतोष कुमार के परिवार के सदस्य गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि शहीद हुए दारोगा के परिवार को हर संभव सरकारी सहायता और सम्मान प्रदान किया जाएगा।
पुलिस विभाग की अगली कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक (IG) और अन्य अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वर्तमान में पुलिस की प्राथमिकता घायलों की जान बचाना है। गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा में दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में वाहन का तकनीकी मुआयना कराया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने न केवल एक जांबाज अधिकारी को हमसे छीना है, बल्कि पांच अन्य पुलिसकर्मियों के परिवारों को भी गहरे संकट में डाल दिया है। पूरा गोरखपुर आज इन घायल योद्धाओं के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
निष्कर्ष: सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता
श्यामदेउरवा में हुई यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमारे पुलिसकर्मी किस तरह अपनी जान हथेली पर रखकर समाज की सुरक्षा करते हैं। गोरखपुर पुलिस की स्कॉर्पियो श्यामदेउरवा में दुर्घटनाग्रस्त होने का यह मामला न केवल एक सड़क हादसा है, बल्कि एक कर्तव्यपरायण टीम की त्रासदी है। हमें उम्मीद है कि घायल पुलिसकर्मी जल्द स्वस्थ होकर पुनः अपनी सेवाएं देंगे।
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