गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक ऐसी वीभत्स घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। एक 8 साल की मासूम बच्ची, जो अपनी दादी के साथ शादी समारोह में शामिल होने आई थी, दरिंदों की हवस का शिकार हो गई। बच्ची को बेहद गंभीर और खून से लथपथ अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

शादी की खुशियां मातम में बदलीं
मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले की रहने वाली 8 साल की यह बच्ची अपनी दादी के साथ गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी दादी की भतीजी की शादी में शामिल होने आई थी। शुक्रवार की रात शादी का माहौल था, ढोल-नगाड़े बज रहे थे और हर तरफ खुशियां थीं। लेकिन, जयमाला कार्यक्रम के बाद करीब साढ़े 11 बजे अचानक बच्ची रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।
जब परिजन जयमाला के बाद अपनी पोती को खोजने लगे तो वह कहीं नहीं मिली। देखते ही देखते शादी समारोह में अफरातफरी मच गई। परिवार के सदस्य और गांव के लोग उसे खोजने के लिए निकल पड़े, लेकिन बच्ची का कहीं कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था।
ड्रोन फुटेज से खुला दरिंदगी का राज
बच्ची को खोजने के लिए जब ड्रोन वीडियो रिकॉर्डिंग देखी गई, तो उसमें एक बेहद चौकाने वाला दृश्य दिखाई दिया। फुटेज में गांव का ही एक युवक, जिसकी पहचान अशोक निषाद उर्फ टुनटुन (22) के रूप में हुई है, बच्ची को अपने साथ ले जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा था। यह फुटेज सामने आते ही परिवार का शक यकीन में बदल गया। गांव के लोग और परिजन तुरंत उस दिशा में दौड़े जहाँ आरोपी बच्ची को ले गया था।
शादी समारोह स्थल से करीब 200 मीटर की दूरी पर एक सुनसान जगह पर बच्ची बेहद नाजुक और खून से लथपथ हालत में मिली। बच्ची की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तत्काल उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
इस नृशंस घटना की सूचना शनिवार, 21 फरवरी को तड़के 3 बजे ‘112’ नंबर पर पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुँच गए। कैंपियरगंज सर्किल के सीओ (CO) अनुराग सिंह ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर तत्काल रेप (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने ड्रोन फुटेज और ग्रामीणों की पहचान के आधार पर आरोपी अशोक निषाद उर्फ टुनटुन को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
पॉक्सो एक्ट के तहत होगी सख्त कार्रवाई
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पीपीगंज दुष्कर्म मामला बेहद संगीन है क्योंकि इसमें पीड़िता एक नाबालिग है। POCSO Act के प्रावधानों के तहत ऐसे मामलों में त्वरित ट्रायल और कड़ी सजा का प्रावधान है। गोरखपुर पुलिस का दावा है कि इस मामले में साक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से जुटाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि दरिंदे को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।
क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश
इस घटना के बाद से पीपीगंज और आसपास के गांवों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में अक्सर लोग सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो जाते हैं, लेकिन इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी हैवान ऐसी हिमाकत न कर सके। गांव में फिलहाल पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा के प्रति बढ़ती चिंताएं
हाल के दिनों में गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में मासूम बच्चियों के साथ बढ़ती दरिंदगी की वारदातों ने शासन-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीपीगंज दुष्कर्म मामला यह साबित करता है कि अब सुरक्षित स्थानों पर भी अपराधी ताक लगाए बैठे हैं। समाज के जागरूक नागरिकों का कहना है कि हमें केवल पुलिस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीसीटीवी और स्वयंसेवकों की तैनाती अनिवार्य होनी चाहिए।
पीड़िता का स्वास्थ्य और न्याय की लड़ाई
फिलहाल बच्ची का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उसकी रिकवरी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। बच्ची के परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए और आरोपी के साथ-साथ उन लोगों की भी जांच की जाए जिन्होंने इस हैवानियत में किसी भी रूप में मदद की हो।
निष्कर्ष: हम सबको जागरूक होने की आवश्यकता
एक मासूम के साथ हुई यह घटना न केवल अपराधी की मानसिक विकृति को दर्शाती है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए भी एक बड़ा सबक है। पीपीगंज दुष्कर्म मामला न केवल कानून की परीक्षा है, बल्कि यह हम सभी के लिए एक चुनौती है कि हम अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण कैसे प्रदान करें। गोरखपुर पुलिस जिस तेजी से इस मामले में कार्रवाई कर रही है, उससे उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिलेगा।
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