गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत चिलुआताल थाना क्षेत्र के तेनुहिया गांव में रविवार की शाम एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने मानवीय संवेदनाओं और दोस्ती के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। जिन दोस्तों पर एक युवक सबसे ज्यादा भरोसा करता था, उन्हीं दोस्तों ने उसे घर से बाहर बुलाया और फिर धोखे से मैदान में ले जाकर गोलियों से भून दिया। 22 वर्षीय मासूम युवक अरुण निषाद की इस नृशंस हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। परिजनों का आक्रोश इस कदर फूट पड़ा कि उन्होंने “जान के बदले जान” की मांग को लेकर महराजगंज मुख्य मार्ग पर घंटों जाम लगाकर प्रदर्शन किया।

घटनाक्रम: विश्वास की आड़ में रची गई मौत की साजिश
प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार की शाम करीब 4:00 बजे का समय था। तेनुहिया गांव निवासी भोला निषाद का बड़ा पुत्र अरुण निषाद (22) अपने घर पर था। तभी विशाल नामक युवक अपने कुछ अज्ञात साथियों के साथ एक वाहन से अरुण के दरवाजे पर पहुंचा। परिजनों ने बताया कि विशाल और अरुण के बीच पहले से जान-पहचान थी, इसलिए किसी को भी किसी अनहोनी का संदेह नहीं हुआ।

विशाल ने किसी काम का बहाना बनाकर अरुण को अपने साथ चलने को कहा। घर से निकलते समय अरुण को यह भनक तक नहीं थी कि वह अपने आखिरी सफर पर निकल रहा है। आरोप है कि विशाल, देवेंद्र और उनके करीब 5-6 अन्य साथी अरुण को गांव के पास स्थित एक सुनसान मैदान की ओर ले गए। वहां पहले से ही किसी पुरानी रंजिश को लेकर घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अरुण के साथ तीखी बहस शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने पिस्तौल निकालकर अरुण पर करीब से फायरिंग कर दी। गोली सीधे अरुण के शरीर को चीरती हुई निकल गई और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम
फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक स्थानीय ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचते, हमलावर वाहन से फरार हो चुके थे। गंभीर रूप से घायल अरुण को आनन-फानन में BRD Medical College ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन घाव इतना गहरा था कि उपचार के दौरान ही अरुण ने दम तोड़ दिया।
जैसे ही अरुण की मृत्यु की सूचना उसके घर पहुंची, कोहराम मच गया। अरुण दो भाइयों में बड़ा था और पेंट-पॉलिश का काम कर पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाता था। एक होनहार और मेहनती बेटे की इस तरह अचानक हुई हत्या ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
सड़क पर उतरा आक्रोश: “हमें सिर्फ न्याय चाहिए”
अरुण की मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। शव को मेडिकल कॉलेज चौकी के सामने रखकर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने गोरखपुर-महराजगंज मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे और उनकी एक ही मांग थी—हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
जाम के कारण करीब आधे घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद अरुण की मां और बहनों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम थीं। परिजनों ने दोटूक शब्दों में पुलिस प्रशासन से कहा, “हमें कोई मुआवजा या आश्वासन नहीं चाहिए, हमें जान के बदले जान चाहिए। जिस तरह हमारे निर्दोष बेटे को मारा गया, उसी तरह हमें न्याय चाहिए।”
पुलिस प्रशासन की तत्परता और भारी बल की तैनाती
मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए Senior Superintendent of Police (SSP) डॉ. कौस्तुभ, एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र और क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज अनुराग सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा और उन पर ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो एक मिसाल बनेगी। पुलिस के ठोस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और आवागमन सुचारू हो सका।
कानूनी कार्रवाई: 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
मृतक के पिता भोला निषाद की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विशाल और देवेंद्र समेत 8 लोगों के खिलाफ हत्या (Murder) का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- सीसीटीवी फुटेज: गांव के बाहर और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है ताकि आरोपियों के भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके।
- संदिग्धों की हिरासत: पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है जिनसे गोपनीय स्थान पर पूछताछ की जा रही है।
- फोरेंसिक जांच: घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने नमूने लिए हैं।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अपराधियों के बेहद करीब है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।”
सामाजिक पहलू: युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति
गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों में मामूली रंजिश में इस तरह की हिंसक घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। Criminal Justice System के विशेषज्ञों का मानना है कि आवेश में आकर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति युवाओं में बढ़ रही है। अरुण निषाद जैसे मेहनतकश युवक की हत्या न केवल एक परिवार की क्षति है, बल्कि यह क्षेत्र की शांति और सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक बड़ा सवालिया निशान है।
निष्कर्ष: न्याय की प्रतीक्षा में तेनुहिया गांव
फिलहाल तेनुहिया गांव में पीएसी और पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। अरुण का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। अब पूरे क्षेत्र की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रशासन इन दबंग अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाएगा? क्या अरुण के बूढ़े पिता और बेबस मां को वह न्याय मिलेगा जिसकी वे मांग कर रहे हैं? यह आने वाला वक्त बताएगा।
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