गोरखपुर: 27 मार्च 2026

चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर जब पूरा देश शक्ति की अधिष्ठात्री देवी की आराधना में लीन है, तब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने अपनी सुप्रसिद्ध परंपरा को पूरी जीवंतता के साथ निभाया। गोरखपुर के ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर में शुक्रवार की सुबह अध्यात्म और सेवा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने न केवल प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि नारी का सम्मान ही साक्षात देवी की पूजा है। गोरखनाथ मंदिर कन्या पूजन 2026 के इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठा व्यक्ति भी परंपराओं के प्रति कितना समर्पित हो सकता है।
विधि-विधान से पूजन: मंत्रोच्चार के बीच पखारे चरण
पूजन कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के विशेष कक्ष में हुई, जहाँ नौ कन्याओं को देवी के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ण सात्विकता और श्रद्धा के साथ पीतल के परात में बारी-बारी से सभी कन्याओं के चरण पखारे।
मंत्रोच्चार की गूँज के बीच उन्होंने:
- चरण वंदन: श्रद्धा भाव से कन्याओं के पैर धोकर उन्हें तौलिए से पोंछा।
- तिलक और चुनरी: सभी कन्याओं के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाया और उन्हें लाल चुनरी ओढ़ाकर देवी स्वरूप प्रदान किया।
- आरती: धूप-दीप दिखाकर मुख्यमंत्री ने कन्याओं की आरती उतारी और उनके भीतर साक्षात जगतजननी का दर्शन कर आशीर्वाद माँगा।
भोज का आयोजन: अपने हाथों से परोसा प्रसाद
पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री ने स्वयं सेवक की भूमिका निभाते हुए सभी कन्याओं को भोजन कराया। मंदिर की रसोई में विशेष रूप से तैयार शुद्ध सात्विक भोजन—पूरी, हलवा, चने का प्रसाद और फल कन्याओं को परोसा गया। मुख्यमंत्री ने हर एक कन्या के पास जाकर उनसे प्रेमपूर्वक भोजन ग्रहण करने का आग्रह किया। भोजन के पश्चात उन्हें दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। बच्चों के चेहरे की मुस्कान और मुख्यमंत्री का सहज वात्सल्य भाव उपस्थित श्रद्धालुओं के मन को मोह रहा था।
नारी शक्ति पर मुख्यमंत्री का संदेश
पूजन के उपरांत मीडिया से बात करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, “नवरात्र में कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का वह अनिवार्य हिस्सा है, जहाँ नारी शक्ति को देवी स्वरूप मानकर सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है। हमारी संस्कृति सिखाती है कि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’। कन्याओं का पूजन समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा के भाव को सुदृढ़ करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि चैत्र नवरात्र का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति के सृजन का प्रतीक है। उन्होंने माँ भगवती से उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ निवासियों के कल्याण, आरोग्य और समृद्धि की मंगलकामना की।
भक्तों का हुजूम और सुरक्षा व्यवस्था
गोरखनाथ मंदिर में नवरात्र के दौरान भक्तों का भारी जमावड़ा लगा रहा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे, फिर भी श्रद्धालुओं को मंदिर के मुख्य गर्भगृह में दर्शन-पूजन की सुचारू व्यवस्था दी गई। मंदिर के पुजारियों और स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया। ढोल-नगाड़ों और ‘जय माता दी’ के जयकारों से पूरा गोरखनाथ परिसर गुंजायमान रहा।
गोरखनाथ मंदिर कन्या पूजन (Kanya Pujan) की यह रस्म हर वर्ष हमें अपनी जड़ों की याद दिलाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कन्याओं के चरण पखारना इस बात का प्रतीक है कि शक्ति की भक्ति केवल मूर्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हमारे बीच जीवित स्वरूप में भी विद्यमान है। यह आयोजन निश्चित रूप से समाज में सकारात्मकता और बेटियों के प्रति गौरव का संचार करेगा।
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