गोरखपुर जिले के गोला तहसील सभागार में शनिवार, 17 जनवरी 2026 को जनसमस्याओं के समाधान हेतु संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जिला मुख्यालय से आला अधिकारियों ने शिरकत की ताकि तहसील स्तर पर लंबित पड़े मामलों को गति दी जा सके। आयोजित हुए इस संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र और एसपी साउथ डीके पूरी ने संयुक्त रूप से की। अधिकारियों ने दूर-दराज से आए पीड़ितों की पीड़ा को गंभीरता से सुना और उनके प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप, संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन इसलिए किया जाता है ताकि ग्रामीणों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। हालांकि, शनिवार को गोला में हुए इस कार्यक्रम में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला।
संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज हुए मामले और निस्तारण की स्थिति
शनिवार को गोला तहसील में आयोजित इस संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की आमद उम्मीद से काफी कम रही। आंकड़ों की बात करें तो, इस संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 55 मामले विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुए। प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद, मौके पर केवल 3 मामलों का ही सफल निस्तारण किया जा सका।
शेष 52 मामलों के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग (Rajaswa) से जुड़े रहे, जिनमें भूमि विवाद और पैमाइश मुख्य मुद्दे थे। इसके अलावा पुलिस, विकास, खाद्यान्न, पेंशन और बिजली विभाग से संबंधित शिकायतें भी इस संपूर्ण समाधान दिवस के पटल पर आईं।
राजस्व और पुलिस विवादों का संपूर्ण समाधान दिवस में दबदबा
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद सबसे जटिल समस्या होती है। इस संपूर्ण समाधान दिवस में भी राजस्व के मामलों की अधिकता रही। एसडीएम अमित कुमार जायसवाल और तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य ने शिकायतों का अवलोकन करते हुए लेखपालों को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने का आदेश दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में आए पुलिस से जुड़े मामलों पर एसपी साउथ डीके पूरी ने निर्देश दिया कि राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीमें बनाकर विवादों को हल किया जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस दिवस की सफलता केवल शिकायतों को दर्ज करने में नहीं, बल्कि उनके स्थायी समाधान में है। समाधान की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए यह कहा गया कि किसी भी मामले को बिना ठोस जांच के कागजों पर बंद न किया जाए।
संपूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित महत्वपूर्ण अधिकारी
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तहसील और ब्लॉक स्तर के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संपूर्ण समाधान दिवस में सीओ दरवेश कुमार, बीडीओ दिवाकर सिंह और आपूर्ति निरीक्षक रमेश कुशवाहा ने अपने-अपने विभाग से संबंधित फाइलों का जायजा लिया। इनके अतिरिक्त कार्यक्रम में प्रतीक कुमार राय, कृष्ण कुमार यादव, लल्लन प्रसाद, उदयशंकर राय और राजस्व निरीक्षक लालजी शर्मा भी उपस्थित थे।
इस दिवस के दौरान पृथ्वी नाथ गुप्ता, रमेश पांडे, राम मूर्ति वर्मा, अरविंद कुमार, चंद्रमणि चौरसिया, सरयू प्रसाद यादव, विजय कुमार यादव, राजेश सिंह, अरुणाकर सिंह, संजय कुमार, अनिल राय और के एम उपाध्याय सहित कई अन्य राजस्व कर्मी और कर्मचारी मौजूद रहे। इन सभी को इस दिवस में मिले प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करने की शपथ दिलाई गई।
निष्कर्ष: संपूर्ण समाधान दिवस का सामाजिक प्रभाव
भले ही गोला तहसील के इस आयोजन में फरियादियों की संख्या कम रही, लेकिन इस दिवस का महत्व कम नहीं होता। यह मंच उन लोगों के लिए आशा की किरण है जो कानूनी पेचीदगियों में फंसे हुए हैं। इस दिवस के माध्यम से प्रशासन सीधे जनता से जुड़ता है और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
भविष्य में इस तरह के संपूर्ण समाधान दिवस आयोजनों में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर और अधिक जागरूकता की आवश्यकता है। गोला तहसील प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस संपूर्ण समाधान दिवस में आए हर एक प्रार्थना पत्र पर ईमानदारी से कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
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