बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत गोला तहसील परिसर बुधवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब एक ही मां की कोख से जन्मे तीन भाई जमीन और वसीयत के टुकड़े के लिए एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए। तहसील में भाइयों के बीच माँ की वसीयत को लेकर हुआ बवाल और मारपीट की इस घटना ने न केवल प्रशासनिक परिसर की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि रिश्तों की संवेदनशीलता को भी झकझोर कर रख दिया है। दिनदहाड़े हुई इस हिंसक झड़प का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देख लोग कलयुगी रिश्तों पर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

घटना का पूरा विवरण: वार्ड नंबर 2 के निवासियों में विवाद
यह पूरा मामला नगर पंचायत गोला के वार्ड नंबर 2, रानीपुर घोड़ालोटन का है। यहाँ के निवासी स्व. बाबुमन मद्धेशिया के तीन पुत्र—मनोज मद्धेशिया, प्रदीप मद्धेशिया और राजा मद्धेशिया के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर मनमुटाव चल रहा था। पिता की मृत्यु के बाद से ही परिवार में दरार पड़नी शुरू हो गई थी।
पिता की मौत के बाद माँ अपने सबसे छोटे बेटे राजा मद्धेशिया के साथ रहने लगी थीं। राजा गोला सब्जी मंडी में एक होटल चलाकर अपना जीवन यापन करता है। वहीं, मझला भाई प्रदीप चंद चौराहे पर ठेला लगाकर अपनी जीविका चलाता है, जबकि सबसे बड़ा भाई मनोज शहर से बाहर रहकर परिवार का भरण-पोषण करता है। कहने को तो तीनों भाई एक ही मकान में रहते हैं, लेकिन उनके दिल और चूल्हे बहुत पहले ही अलग हो चुके थे।
रजिस्ट्री की भनक और तहसील में हंगामा
बुधवार सुबह लगभग 11 बजे, बड़ा भाई मनोज और छोटा भाई राजा अपनी वृद्ध माँ को लेकर गुपचुप तरीके से गोला तहसील पहुँचे। बताया जा रहा है कि दोनों भाई मिलकर माँ के हिस्से की पैतृक संपत्ति की वसीयत या रजिस्ट्री अपने नाम कराने की फिराक में थे। जैसे ही इस गोपनीय योजना की भनक मझले भाई प्रदीप को लगी, वह भी आपा खोते हुए तहसील परिसर पहुँच गया।
प्रदीप ने तहसील में पहुँचते ही अपनी माँ और भाइयों द्वारा की जा रही रजिस्ट्री की प्रक्रिया का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते शांतिपूर्ण दिखने वाला तहसील परिसर गाली-गलौज और शोर-शराबे से गूंज उठा। तहसील में भाइयों के बीच माँ की वसीयत को लेकर हुआ बवाल और मारपीट तब और उग्र हो गया जब बड़े और छोटे भाई ने मिलकर मझले भाई प्रदीप पर हमला बोल दिया।
अधिवक्ताओं का हस्तक्षेप और वायरल वीडियो
तहसील परिसर में मौजूद सैकड़ों वादियों और अधिवक्ताओं के सामने तीनों भाइयों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ा और छोटा भाई मिलकर प्रदीप की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। स्थिति बेकाबू होते देख वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने बीच-बचाव करने की कोशिश की।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद जब भाई शांत नहीं हुए, तो अधिवक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें जबरन अलग किया और तहसील परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इसी दौरान किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। कुछ ही घंटों में तहसील में भाइयों के बीच माँ की वसीयत को लेकर हुआ बवाल और मारपीट का यह वीडियो क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया।
पुलिस की कार्रवाई और शांति भंग में चालान
घटना की सूचना जैसे ही गोला थाना पुलिस को मिली, थानाध्यक्ष राकेश रौशन सिंह के निर्देश पर पुलिस बल मौके पर पहुँचा। हालांकि, पुलिस के पहुँचने से पहले ही तीनों पक्ष वहां से जा चुके थे। बाद में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों भाइयों को थाने बुलाया।
थाना प्रभारी राकेश रौशन सिंह ने बताया कि मामला पूरी तरह से पारिवारिक और संपत्ति विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से तीनों भाइयों मनोज, प्रदीप और राजा का शांति भंग की धारा (151 CRPC/BNS) के तहत चालान कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाने पहुँचने पर भाइयों के बीच आपसी सहमति और समझौते की बात भी सामने आई है, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हंगामा करने के कारण उन पर विधिक कार्रवाई की गई है।
संपत्ति विवाद और बिखरते रिश्तों की हकीकत
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में Property Dispute यानी संपत्ति विवाद आज एक नासूर बन चुका है। तहसील में भाइयों के बीच माँ की वसीयत को लेकर हुआ बवाल और मारपीट यह दर्शाता है कि जमीन का एक टुकड़ा सगे भाइयों के बीच प्रेम और मर्यादा को कैसे खत्म कर सकता है। Inheritance Law यानी उत्तराधिकार कानून के अनुसार माँ को अपनी संपत्ति किसी को भी देने का अधिकार है, लेकिन पारदर्शिता के अभाव में अक्सर ऐसे हिंसक विवाद जन्म लेते हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
रानीपुर घोड़ालोटन वार्ड के निवासियों का कहना है कि बाबुमन मद्धेशिया के परिवार में पहले भी छोटी-मोटी नोकझोंक होती रहती थी, लेकिन तहसील जैसे सार्वजनिक और गरिमामय स्थान पर इस तरह की मारपीट ने पूरे वार्ड का नाम खराब किया है। लोगों का मानना है कि बुजुर्ग माँ को इस तरह विवादों के बीच घसीटना अत्यंत निंदनीय है।
निष्कर्ष: समाधान की आवश्यकता
गोला तहसील की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। संपत्ति के विवादों को आपसी बातचीत या कानूनी माध्यमों से सुलझाने के बजाय हिंसा का रास्ता चुनना केवल जेल और मुकदमों तक ले जाता है। तहसील में भाइयों के बीच माँ की वसीयत को लेकर हुआ बवाल और मारपीट का यह प्रकरण अब पुलिस की फाइल में दर्ज है, लेकिन भाइयों के दिलों में आई दरार को भरना शायद अब मुमकिन न हो।
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने अपील की है कि पारिवारिक विवादों को तहसील के बाहर और सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए ताकि प्रशासन और न्यायालय का समय अनावश्यक रूप से बर्बाद न हो।
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