गोलाबाजार, गोरखपुर: 20 मार्च 2026

गोरखपुर जनपद के दक्षिणांचल में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। जिला पुलिस मुखिया डॉ. कौस्तुभ द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दिए गए कड़े निर्देशों का असर धरातल पर दिखने लगा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) दिनेश कुमार पुरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी (CO) गोला दरवेश कुमार के पर्यवेक्षण में गोला पुलिस ने दो शातिर लुटेरों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने लूट के दो अदद मंगलसूत्र भी बरामद किए हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
थानाध्यक्ष गोला राकेश रोशन सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम शुक्रवार को क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को रोका। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से सोने के दो मंगलसूत्र बरामद हुए, जिनके बारे में वे कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने लूट की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- प्रिंस निषाद पुत्र प्रेम निषाद, निवासी बरहजपार माफी, थाना गोला।
- विवेक निषाद पुत्र अजीत निषाद, निवासी बरहजपार माफी, थाना गोला।
लूट की घटनाओं का विवरण: ई-रिक्शा और राहगीरों को बनाया निशाना
इन दोनों अभियुक्तों ने क्षेत्र में दहशत फैला रखी थी। इनके खिलाफ गोला थाने में दो अलग-अलग लूट के मुकदमे दर्ज थे:
- घटना 1 (हालिया मामला): गुरुवार को इन अभियुक्तों ने एक महिला (वादिनी की बहन) को रास्ते में रोककर आतंकित किया और उसका मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए। इस संबंध में धारा 309(6) और 317(2) बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
- घटना 2 (26 फरवरी की वारदात): बीते 26 फरवरी को इन लुटेरों ने ई-रिक्शा में सवार होकर जा रही एक महिला के गले से झपट्टा मारकर मंगलसूत्र छीन लिया था। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं में लूटे गए गहने बरामद कर लिए हैं, जिससे पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है।
बीएनएस की नई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
थानाध्यक्ष राकेश रोशन ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रभावी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
- मु0अ0सं0 98/2026: धारा 309(6) और 317(2) बीएनएस।
- मु0अ0सं0 74/2026: धारा 309(4) और 317(2) बीएनएस।
ये धाराएं डकैती, लूट और चोरी की संपत्ति को छिपाने या रखने से संबंधित हैं, जिनमें कठोर कारावास का प्रावधान है।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम
इस सफल गोला पुलिस गिरफ्तारी अभियान में शामिल टीम की सतर्कता की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। टीम के प्रमुख सदस्य रहे:
- उपनिरीक्षक (SI) विवेक सिंह
- उपनिरीक्षक (SI) राकेश कुमार सिंह
- हेड कांस्टेबल निलेश कन्नौजिया
- कांस्टेबल हर्षवर्धन
क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा
गोला क्षेत्र में पिछले कुछ समय से छिनैती की घटनाओं से महिलाएं डरी हुई थीं। विशेषकर ई-रिक्शा में सफर करने वाली महिलाओं को निशाना बनाने वाले इस गिरोह के पकड़े जाने से जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। क्षेत्राधिकारी दरवेश कुमार ने अपील की है कि सुनसान रास्तों पर चलते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस हेल्पलाइन या नजदीकी पिकेट पर दें।












