गोलाबाजार, गोरखपुर: 10 March 2026
जनपद के गोला तहसील क्षेत्र में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उपभोक्ताओं को एक बार फिर उन पुराने दिनों की याद ताजा हो गई है जब गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें और घंटों का इंतजार आम बात थी। मंगलवार को गोला रसोई गैस किल्लत 2026 का असर सड़कों से लेकर गैस गोदामों तक साफ दिखाई दिया। नगर के प्रमुख चौराहों और माँ सरयू इंडेन गैस सर्विस के गोदाम पर तड़के सुबह से ही खाली सिलेंडरों का अंबार लग गया। आपूर्ति की कमी और तकनीकी खामियों (सर्वर डाउन) ने मिलकर आम जनता की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है।
सुबह 4 बजे से कतारों में खड़े उपभोक्ता: व्यवस्था हुई धड़ाम
मंगलवार की सुबह सूरज की पहली किरण निकलने से पहले ही गोला उपनगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर सड़कों पर निकल पड़े। गोला स्थित गैस गोदाम के बाहर सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिलाएं लाइन में खड़े नजर आए। इस गोला रसोई गैस किल्लत 2026 का आलम यह है कि लोग इस उम्मीद में भोर में ही पहुंच रहे हैं कि शायद जल्दी आने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मिल जाए। घंटों इंतजार के बाद भी जब ट्रक नहीं पहुंचता या सर्वर की समस्या बता दी जाती है, तो उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे जाता है।
सर्वर डाउन और 25 दिन का अंतराल: उपभोक्ताओं की बढ़ी मुसीबत
गैस वितरण प्रणाली में आए बदलावों ने आग में घी डालने का काम किया है। गोला उपनगर की निवासी सुमित्रा ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि कई दिनों से गैस बुकिंग का प्रयास करने के बावजूद सफलता नहीं मिल रही है। कभी फोन की लाइन व्यस्त रहती है तो कभी ऑनलाइन पोर्टल पर ‘सर्वर डाउन’ का मैसेज आ जाता है।
वहीं, कोड़री निवासी कृष्णा पाठक ने वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा:
“पहले ही गैस बुकिंग में काफी समय लगता था, अब कंपनी ने बुकिंग के बीच 25 दिन का अनिवार्य अंतराल (Gap) कर दिया है। इससे उन परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है जिनकी खपत अधिक है। ऊपर से सर्वर की समस्या के कारण लोग बार-बार चक्कर काटने को मजबूर हैं। यह गोला रसोई गैस किल्लत 2026 प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।”
होटल व्यवसाय और छोटे उद्यमियों पर संकट
इस गैस किल्लत का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है। गोला क्षेत्र के छोटे होटल संचालकों और रेस्तरां मालिकों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई होटल संचालकों का कहना है कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। समय पर गैस न मिलने के कारण ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनके व्यवसाय पर आर्थिक चोट पहुंच रही है। यदि यही स्थिति बनी रही, तो कई छोटे ढाबे बंद होने की कगार पर पहुँच सकते हैं।
वैकल्पिक ईंधनों का अभाव: समस्या हुई गंभीर
आज के आधुनिक दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में भी उज्ज्वला योजना के विस्तार के बाद लोग पूरी तरह एलपीजी (LPG) पर निर्भर हो गए हैं। मिट्टी के तेल की अनुपलब्धता और लकड़ी के चूल्हों के कम होते चलन के कारण अब लोगों के पास कोई ‘बैकअप’ व्यवस्था नहीं बची है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार ने जब सबको गैस कनेक्शन दे दिया है, तो उसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। गोला रसोई गैस किल्लत 2026 ने यह साबित कर दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में अभी भी बड़े सुधारों की आवश्यकता है।

माँ सरयू इंडेन गैस सर्विस का पक्ष
एजेंसी सूत्रों के अनुसार, पीछे से ही आपूर्ति (Backlog) कम आ रही है, जिसके कारण मांग और आपूर्ति में संतुलन नहीं बन पा रहा है। साथ ही, सॉफ्टवेयर अपडेट और सर्वर की धीमी गति के कारण केवाईसी (KYC) और बुकिंग की प्रक्रिया में देरी हो रही है। एजेंसी कर्मियों का कहना है कि वे अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लाइन में लगे लोगों को निराश न होना पड़े, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को एक साथ संतुष्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने उपजिलाधिकारी (SDM) गोला और जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) से मांग की है कि:
- गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच की जाए।
- सर्वर की समस्या को दूर करने के लिए संबंधित कंपनी (Indane) को कड़े निर्देश दिए जाएं।
- होली जैसे त्योहारों के आसपास बढ़ी मांग को देखते हुए अतिरिक्त कोटा आवंटित किया जाए।
- होम डिलीवरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए ताकि गोदामों पर भीड़ न लगे।
निष्कर्ष: समाधान की तत्काल आवश्यकता
गोला रसोई गैस किल्लत 2026 केवल एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों के दैनिक जीवन से जुड़ा मुद्दा है। सर्वर और आपूर्ति के नाम पर जनता को प्रताड़ित करना उचित नहीं है। यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो क्षेत्र के लोगों में जनाक्रोश भड़क सकता है। गोला की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी रसोई के लिए सिलेंडर चाहती है।












