बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद अंतर्गत गोला तहसील में जमीन और रास्ते के विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला गोला थाना क्षेत्र के ग्राम नुआंव से सामने आया है, जहां एक चबूतरे और रास्ते के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पड़ोसियों ने न केवल उनकी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की, बल्कि विरोध करने पर परिवार के साथ मारपीट और गाली-गलौज भी की। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए नामजद मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा विवाद? चबूतरा बना कलह की जड़
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम नुआंव निवासी जयनाथ गुप्ता ने गोला थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए एक शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ित जयनाथ का आरोप है कि उनके घर के बगल में रहने वाले रामप्रकाश राय और उनका परिवार लंबे समय से उनके निजी चबूतरे और आवागमन के रास्ते को क्षति पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।
घटनाक्रम के अनुसार, विवाद उस समय चरम पर पहुंच गया जब बीते 24 जनवरी को आरोपी पक्ष द्वारा कथित तौर पर जयनाथ के चबूतरे को तोड़ दिया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपी वहां हल (खेती का उपकरण) रखकर जमीन पर अपना कब्जा जमाना चाहते थे। यह चबूतरा और रास्ता पीड़ित परिवार के दैनिक उपयोग का हिस्सा है, जिस पर कब्जा होने से उनके आवागमन और निजता पर संकट पैदा हो गया है।
मारपीट और जान से मारने की धमकी
तहरीर में जयनाथ गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने और उनके परिवार ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो विवाद काफी बढ़ गया। आरोप है कि रामप्रकाश राय, उनकी पत्नी किरन राय और उनके पुत्र ने मिलकर जयनाथ के पुत्र महाशंकर गुप्त के साथ बदसलूकी की। धक्का-मुक्की के दौरान महाशंकर को जमीन पर गिरा दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित का यह भी कहना है कि आरोपियों ने सरेआम गंदी-गंदी गालियां दीं और भविष्य में विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार भयभीत है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पहले भी मनमुटाव की खबरें आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस की कार्रवाई: तीन पर मुकदमा पंजीकृत
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोला थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रामप्रकाश राय, उनकी पत्नी किरन राय और उनके पुत्र के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी विवाद अक्सर हिंसक हो जाते हैं, इसलिए पुलिस ने प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच चल रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि विवाद: एक विश्लेषण
पूर्वांचल के ग्रामीण इलाकों में Land Tenure और संपत्ति विवाद (Property Disputes) एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। अक्सर मामूली रास्तों और चबूतरे जैसे छोटे मुद्दों पर आपसी सहमति न होने के कारण विवाद बढ़ जाते हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में District Court या तहसील स्तर पर मेडिएशन (सुलह-समझौता) के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि मुकदमों की लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके।
हालांकि, जब विवाद में मारपीट और धमकी जैसे आपराधिक तत्व शामिल हो जाते हैं, तो मामला सीधे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। गोला क्षेत्र में इस तरह के बढ़ते मामलों ने स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती पेश की है।
निष्कर्ष: शांति और न्याय की उम्मीद
नुआंव गांव के इस प्रकरण ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म और कानून के सम्मान पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, जयनाथ गुप्ता और उनका परिवार पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। गोला पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में यह संदेश गया है कि दबंगई और अवैध कब्जे की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पीड़ित परिवार को उनका हक वापस मिल पाता है।
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