यह रिपोर्ट बृजनाथ तिवारी की लिखी हुई है
गोरखपुर जिले के गोला तहसील क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई तहसील प्रशासन की टीम पर जानलेवा हमले की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मिट्टी लदे एक डंपर को पकड़ने के दौरान चालक ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि अधिकारियों को वाहन से कुचलकर जान से मारने का प्रयास भी किया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

यह घटना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि हमला सीधे तहसीलदार और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में किया गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना 13 जनवरी 2026 की रात की है। तहसीलदार गोला और नायब तहसीलदार बड़हलगंज के निर्देश पर तहसील की टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। रात्रि करीब 11:50 बजे टीम ने मिट्टी लदे डंपर (संख्या UP 53 HT 6856) को जांच के लिए रोका। डंपर चालक ने बताया कि मिट्टी भूपगढ़ निवासी पंकज यादव की है।
जब चालक वैध कागजात नहीं दिखा सका, तो तहसीलदार के आदेश पर होमगार्ड योगेंद्र यादव डंपर में बैठकर उसे तहसील परिसर ले जाने लगे। आरोप है कि रास्ते में चालक ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया और निम्नलिखित वारदातों को अंजाम दिया:
- धमकी और हमले का प्रयास: चालक ने होमगार्ड को कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड से डराने की कोशिश की और डंपर को पेड़ से टकराकर पलट देने की धमकी दी।
- कुचलने का प्रयास: होमगार्ड के नीचे उतरते ही चालक ने सड़क पर मिट्टी गिरा दी और तेज रफ्तार में वाहन घुमाकर नायब तहसीलदार रामाकांत चौहान और होमगार्ड योगेंद्र यादव को कुचलने के इरादे से उनकी ओर दौड़ा दिया।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके से भागकर बमुश्किल अपनी जान बचाई।
पुलिसिया कार्रवाई: इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
घटना के संबंध में होमगार्ड योगेंद्र यादव की तहरीर पर गोला कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ एफआईआर पंजीकृत की है।
| बीएनएस धारा | अपराध का विवरण |
| धारा 132 | लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला। |
| धारा 131 | लोक सेवक को डराना या धमकाना। |
| धारा 109 | जान से मारने की कोशिश (Attempt to Murder)। |
| धारा 351(2) | आपराधिक धमकी देना। |
गोला पुलिस ने इस एफआईआर के आधार पर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जितेंद्र यादव को सौंपी है। पुलिस डंपर और उसके मालिक के संबंधों की भी गहराई से जांच कर रही है।
निष्कर्ष: खनन माफियाओं के बढ़ते हौसले
तहसील प्रशासन पर हुआ यह हमला क्षेत्र में सक्रिय माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाता है। एक सरकारी अधिकारी को कुचलने का प्रयास करना शासन की इकबाल को चुनौती देने जैसा है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस मामले में ऐसी कठोर कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी पर हाथ उठाने की हिम्मत न करे। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
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