गोरखपुर: 14 फरवरी 2026
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने और जन्म शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर शनिवार को गोरखपुर में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक शिष्टाचार भेंट हुई। गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गोरखपुर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज से मुलाकात की। इस भेंट के दौरान समाज के नैतिक उत्थान, सनातन संस्कृति के संवर्धन और गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे लोक-कल्याणकारी प्रकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गुरुदेव की अमूल्य धरोहर ‘हस्तलिखित पुस्तक’ भेंट की
इस शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा स्वहस्तलिखित एक दुर्लभ पुस्तक और पावन अंगवस्त्र सप्रेम भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इन भेंटों को अत्यंत श्रद्धापूर्वक स्वीकार किया।
वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में प्रज्वलित अखंड दीपक पिछले 100 वर्षों से अनवरत जल रहा है, जो समस्त मानवता के कल्याण और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक है। यह वर्ष पूज्य गुरुदेव की कठिन साधना के 100 वर्ष तथा परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के मातृत्व, करुणा और तप की गौरवशाली शताब्दी के रूप में मनाया जा रहा है।
शांतिकुंज की ‘अखंड ज्योति’ और 100 वर्ष की साधना
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि गायत्री परिवार का यह जन्म शताब्दी वर्ष केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह गुरुदेव के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का एक महाभियान है। शांतिकुंज हरिद्वार से निकली यह वैचारिक क्रांति आज पूरे विश्व में करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से बदल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुदेव के साहित्य और उनके द्वारा स्थापित आदर्शों की सराहना करते हुए कहा कि गायत्री परिवार का समाज निर्माण में योगदान अतुलनीय है।
गोरखपुर में रचनात्मक कार्यों की गूँज
भेंट के दौरान गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट द्वारा गोरखपुर जिले में किए जा रहे विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों का विवरण भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ट्रस्ट के माध्यम से निम्नलिखित अभियान सतत संचालित किए जा रहे हैं:
- घर-घर यज्ञ अभियान: सनातन पद्धति को पुनर्जीवित करने के लिए हर घर में यज्ञ की परंपरा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- नशा मुक्ति कार्यक्रम: युवाओं को व्यसनों से दूर रखने के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
- पर्यावरण संतुलन: ‘तरुपुत्र’ योजना के तहत व्यापक वृक्षारोपण और जल संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं।
- निःशुल्क भोजन और शिक्षा: जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क भोजन वितरण और बच्चों के लिए ‘बाल संस्कारशाला’ के माध्यम से नैतिक शिक्षा प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन और आशीर्वाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल के साथ काफी समय व्यतीत किया और समाजहित में चल रहे कार्यों के लिए अपना मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का मिलन ही एक सभ्य समाज की नींव रखता है। उन्होंने गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना की और आह्वान किया कि वे अपनी रचनात्मक गतिविधियों को और अधिक विस्तार दें, विशेषकर ग्रामीण अंचल के युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने का प्रयास करें।
सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गायत्री परिवार द्वारा संचालित ‘बाल संस्कारशाला’ जैसे प्रकल्प भविष्य की पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने पर्यावरण और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर गायत्री परिवार के प्रयासों को सरकारी योजनाओं के पूरक के रूप में सराहा।
उपस्थित प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री से हुई इस भेंट में गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी डॉ. दीना नाथ सिंह, युवा समन्वयक राज कौशिक एवं सोशल मीडिया प्रभारी दिवाकर प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया और गुरुदेव के संकल्पों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
निष्कर्ष
गायत्री परिवार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुई यह भेंट पूर्वांचल में आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना के नए युग का संकेत है। जहाँ एक ओर गायत्री परिवार गुरुदेव के विचारों की मशाल लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री का समर्थन इन कार्यों को नई गति प्रदान करेगा। जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह मिलन निश्चित रूप से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में सनातन मूल्यों की स्थापना और जनसेवा के कार्यों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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