बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 07 फरवरी 2026
बोर्ड परीक्षाओं की आहट के बीच छात्रों के मन में उठने वाले भय और संशय को दूर करने के लिए गोला तहसील तिराहे पर स्थित एलपीएम पब्लिक स्कूल ने एक सराहनीय पहल की है। विद्यालय परिसर में शनिवार को आयोजित परीक्षा तनाव मुक्त कार्यशाला ने न केवल छात्रों के मानसिक बोझ को कम किया, बल्कि उनमें एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार भी किया। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करने के लिए मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाना था।

शिक्षा केवल अंक नहीं, व्यक्तित्व का विकास है: अमरनाथ वर्मा
कार्यशाला का भव्य शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक अमरनाथ वर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए एक बहुत ही प्रेरक बात कही। उन्होंने कहा, “परीक्षा जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव जरूर है, लेकिन यह जीवन का अंतिम लक्ष्य या आपके भविष्य का एकमात्र पैमाना नहीं है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल अंक तालिका को भरना नहीं, बल्कि ज्ञान की समझ और एक मजबूत व्यक्तित्व का निर्माण करना है।”
उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे परिणामों की चिंता किए बिना अपनी मेहनत और तैयारी पर भरोसा रखें। उनके इस संबोधन ने उन छात्रों में परीक्षा तनाव मुक्त माहौल पैदा किया जो बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अत्यधिक दबाव महसूस कर रहे थे।
मानसिक संतुलन और समय प्रबंधन का महत्व
कार्यशाला में मुख्य वक्ता और प्रसिद्ध काउंसलर अंकिता बक्सर ने छात्रों को सफलता के व्यावहारिक गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती विषय नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखना होता है। काउंसलर ने छात्रों को सुझाव दिया कि वे अतीत की गलतियों या भविष्य के परिणामों के बजाय वर्तमान में की जा रही अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें।
अंकिता बक्सर ने परीक्षा तनाव मुक्त रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकों पर चर्चा की:
- पोमोडोरो तकनीक: लगातार घंटों पढ़ने के बजाय 50 मिनट के अध्ययन के बाद 10 मिनट का विश्राम लें।
- ध्यान और योग: एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट ध्यान (Meditation) करें।
- डिजिटल डिटॉक्स: परीक्षा के समय मोबाइल फोन और सोशल मीडिया को पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए उनसे दूरी बनाने की सलाह दी गई।
रटने के बजाय समझने पर जोर
काउंसलर ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे विषयों को रटने की पुरानी पद्धति को छोड़कर उनके मूल सिद्धांतों (Concepts) को समझने का प्रयास करें। उन्होंने बैठने की मुद्रा (Posture), सही रोशनी में पढ़ाई करने और कठिन विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर याद करने के तरीके बताए। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने अपने मन में छिपे असफलता के डर और तनाव को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका समाधान सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दिया गया।
स्वास्थ्य और नींद: सफलता का आधार
इस परीक्षा तनाव मुक्त सत्र में छात्रों को यह भी बताया गया कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। परीक्षा की तैयारी के दौरान 7 से 8 घंटे की गहरी नींद और संतुलित, पौष्टिक आहार लेना अनिवार्य है। अक्सर छात्र परीक्षा के समय देर रात तक जागते हैं और खान-पान की अनदेखी करते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है।
अभिभावकों के लिए विशेष संदेश
विद्यालय प्रशासन ने इस अवसर पर अभिभावकों से भी एक मार्मिक अपील की। प्रधानाचार्य एकता वर्मा ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए। अनावश्यक उम्मीदों का बोझ बच्चों को मानसिक रूप से बीमार कर सकता है। इसके बजाय, उन्हें बच्चों के प्रयासों को समझना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि वे एक परीक्षा तनाव मुक्त वातावरण में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।
शिक्षक और प्रबंधन की गरिमामयी उपस्थिति
इस सफल आयोजन में विद्यालय के रेवरन डी.के., समन्वयक मनीष यादव, और सह-समन्वयक अनूप सिंह सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। शिक्षकों ने भी छात्रों को विषयवार कठिनाइयों को दूर करने के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष
एलपीएम पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित यह कार्यशाला गोला क्षेत्र के छात्रों के लिए एक पथ-प्रदर्शक साबित हुई है। परीक्षा तनाव मुक्त होने का अर्थ परीक्षा को हल्के में लेना नहीं, बल्कि उसे एक अवसर के रूप में देखना है। इस तरह के आयोजनों से निश्चित रूप से पूर्वांचल के इन होनहार छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और वे आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में न केवल शानदार अंक प्राप्त करेंगे, बल्कि एक बेहतर नागरिक के रूप में भी उभरेंगे।
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