बृजनाथ तिवारी की रिपोर्ट
गोलाबाजार, गोरखपुर: 4 मार्च 2026
शादी के नौ साल बीत जाने और दो बच्चों की माँ बनने के बाद भी समाज में कुछ लोग लालच की अंधी गुफा से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। गोरखपुर जनपद के गोला उपनगर अंतर्गत कस्बा लोहा मंडी में एक विवाहिता को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। दहेज उत्पीड़न और मारपीट की शिकार महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए गोला पुलिस की शरण ली है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पति, सास और तीन ननदों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
9 साल का सफर और लालच की दीवार
प्राप्त विवरण के अनुसार, गोला कस्बा लोहा मंडी की निवासी नीतू साहनी का विवाह करीब नौ वर्ष पूर्व राजाराम साहनी पुत्र हीरालाल साहनी के साथ हुआ था। वर्तमान में दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। नीतू का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उसके ससुराल वाले अपनी असली रंगत दिखाने लगे। नौ साल के लंबे अंतराल के बावजूद ससुराल पक्ष की दहेज की भूख शांत नहीं हुई।

28 फरवरी की वह खौफनाक रात
पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना का सिलसिला तब और उग्र हो गया जब 28 फरवरी 2026 को उसके पति राजाराम साहनी ने छोटी सी बात पर आपा खो दिया और नीतू को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस हिंसक हमले में नीतू को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। आरोप है कि मारपीट के दौरान ननदों और सास ने भी उसे गालियां दीं और घर से बाहर निकालने की धमकी दी।
जब नीतू ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, तो पति ने उसे सरेराह जान से मारने की धमकी दी। घायल और डरी हुई नीतू ने किसी तरह अपनी माँ को फोन कर घटना की जानकारी दी।
समझाने पहुँची माँ के साथ भी अभद्रता
बेटी की चीख सुनकर जब उसकी माँ उसे सहारा देने और दामाद व ससुरालियों को समझाने के लिए लोहा मंडी पहुँची, तो वहाँ भी मर्यादा की सारी सीमाएं लाँघ दी गईं। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने नीतू की माँ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। अंततः, अपनी और अपनी माँ की जान पर खतरा मंडराते देख नीतू ने कानून का सहारा लेने का निर्णय लिया और गोला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
गोला पुलिस की सख्त कार्रवाई: 5 नामजद, बीएनएस की धाराएं लागू
इस मामले में थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया कि महिलाओं के प्रति होने वाले किसी भी अपराध में पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। नीतू साहनी की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर पुलिस ने पति राजाराम साहनी, सास बिंदु देवी, ननद मोनी, दुर्गा और टोनी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है।
पुलिस ने इन धाराओं में किया केस दर्ज:
- बीएनएस धारा 85: विवाहित महिला के प्रति क्रूरता।
- बीएनएस धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना।
- बीएनएस धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना।
- बीएनएस धारा 351(3): जान से मारने की आपराधिक धमकी।
- बीएनएस धारा 125: जीवन को संकट में डालना।
- दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 व 4: दहेज लेना, देना या उसकी मांग करना।

समाज के लिए एक चेतावनी
लोहा मंडी की यह घटना दर्शाती है कि दहेज रूपी दानव आज भी हमारे समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। नौ साल के वैवाहिक जीवन और दो बच्चों के होने के बाद भी एक महिला को अपने ही घर में असुरक्षित महसूस करना कानून और व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी राजाराम अक्सर शराब के नशे में घर में विवाद करता था, लेकिन इस बार उसने मारपीट की सारी हदें पार कर दीं।
पीड़िता को न्याय की उम्मीद
नीतू साहनी फिलहाल अपने मायके में है और उसका उपचार चल रहा है। उसने मांग की है कि ऐसे दहेज लोभियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि किसी और बेटी का घर बर्बाद न हो। गोला पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और मामले की निष्पक्ष जांच कर चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
निष्कर्ष
दहेज उत्पीड़न के खिलाफ कानून अब पहले से कहीं अधिक सख्त हैं। लोहा मंडी का यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो बेटियों को ‘सामान’ समझते हैं और उनके आत्मसम्मान को कुचलने का प्रयास करते हैं। गोला पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में महिला सुरक्षा के प्रति विश्वास पैदा करेगी।











